आचार्य श्री वर्धमान सागर महाराज सानिध्य में जैन तीर्थ वंदना एवं दर्शनीय स्थल के सप्तम संशोधित पुस्तक का हुआ विमोचन कोटा
परम पूज्य वात्सल्य वारिधि आचार्य श्री 108 वर्तमान सागर महाराज सानिध्य में जैन तीर्थ वंदना एवं दर्शनीय स्थल पर सप्तम संशोधित पुस्तक का विमोचन किया गया । अब तक इस पुस्तक की 22000 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी है विमोचन करते हुए श्री जैन का सम्मान भी किया गया
पुस्तक की खास बात :
जैन तीर्थ वैदना एवं दर्शनीय स्थल का सप्तम संशोधित संस्करण पाकेट बुक साईज में है यह पुस्तक भारतवर्ष के विभिन्न जैन तीर्थों का दिग्दर्शन कराने वाली है।

डा. आर के जैन कोटा द्वारा लिखित एवं संकलित कृति । उपरोक्त वर्णित पुस्तिका तीर्थ यात्रा में एक जीवंत गाइड का कार्य करती है जिसमें देश के समस्त तीर्थ क्षेत्रों की जानकारी सडक मार्ग, रेलमार्ग,समीपस्थ पर्यटक स्थल के अतिरिक्त क्षेत्र के व्यवस्थापक, कार्यकारिणी के सम्पर्कटेलिफोन / मोबाईल नम्बर के साथ साथ आवास एवं भोजन सुविधाओं आदि का भी समावेश किया गया है।



जैन तीर्थ वंदना एवं दर्शनीय स्थल कृति में भारत के 110 अतिशय क्षेत्र, 34 सिद्ध क्षेत्र,12 कला क्षेत्र के साथ विभिन्न नव विकसित एवं आध्यात्मिक क्षेत्रों का भी विवरण सहित उल्लेखकिया है।यही नहीं इस पुस्तक में,प्रमुख श्वेताम्बर मंदिरों के फोन नम्बर, विदेशों में स्थित जैन केन्द्रों (मंदिरों) पर्यटक केन्द्रों एवं शाकाहारी भोजनालय की भी विस्तृत सूचना उपलब्ध करवाकर कृति को बेहद उपयोगी बना दिया गया है।
उपरोक्त विवरण के अलावा इस कृति में सभी प्रांतों के रंगीन नक्शों में जैन तीर्थ, हिन्दूतीर्थ, पर्यटक स्थलों को अलग-अलग दर्शाया है जिससे यात्री अपना सफर सुनियोजित कर सकेंगे ।आपको बता दें पुस्तक आज की आवश्यकता के अनुरूप ‘अपडेट’ हो गई है जिसमें पहले से भी अधिक सूचनायें प्राप्त होगी। सभी सूचनाओं का एक ही जगह मिलना पुस्तक को ‘गागर में सागर’ रूप प्रदान करता है।
आप इसे निम्न पत्ते पर प्राप्त कर सकते हैंप्राप्ति स्थल:- डॉ. आर.के. जैन, 70 स्टेशन रोड़, बैंक आफ बड़ौदा के सामने कोटा जं. 324002 (राज.)फोन नं.-, मो.नं. 94141-89544, मूल्य:- 200 /- रु. मात्र ! रखा गया है।
अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट 9929747312

