परिणाम निर्मल होंगे तो जीवन भी निर्मल होगा आचार्य श्री विनिश्चय सागर महाराज
रामगंजमंडी
परम पूज्य आचार्य श्री 108 विनिश्चय सागर महाराज ने मंगल प्रवचन में कहा कि परिणाम निर्मल होंगे तो जीवन भी निर्मल होगा और जीवन से बहुत सारी चीज डिलीट होगी आपका तनाव एवं डिप्रेशन अलग हो जाएगा अपने आप पर विश्वास करें दूसरों पर विश्वास करना हमारी आदत है आत्मविश्वास सबसे बड़ा विश्वास है लोग सब पर विश्वास करते हैं लेकिन स्वयं पर नहीं।
आचार्य श्री ने मंत्र शक्ति के विषय पर भी प्रकाश डाला उन्होंने का मंत्र की शक्ति निर्मल परिणामों में प्रकट होती है दूषित परिणामों में मंत्र की शक्ति प्रकट नहीं होती। यदि मंत्र की शक्ति को बनाना है तो परिणामों को निर्मल करना होगा। धर्म ध्यान में पहुंचना होगा तब जाकर मंत्र की उपलब्धि होगी।

उन्होंने मंत्र के विषय में कहा कि मंत्र को जपते समय निर्मल परिणाम बना लोगे तो उपलब्धि होगी यदि निर्मल परिणाम नहीं बनाओगे तो वह उपलब्धि नहीं होगी जो तुम चाहते हो यदि निर्मल परिणाम नहीं बना की तो मंत्र वह नहीं दे सकता जिसकी आपको जरूरत है।
उन्होंने णमोकार मंत्र के विषय में कहा कि णमोकार मंत्र को पढ़ना आसान नहीं है उसे अंतस चेतना से जाप करना कठिन काम है लेकिन ऐसा भी नहीं है कि हम नहीं कर सकते णमोकार मंत्र को यदि शुद्ध परिणाम से जपा जाए तो व्यंतर आदि कष्ट पीड़ा इसके अक्षर मंत्र से दूर होती है मंत्र में बहुत ऊर्जा होती है। णमोकार मंत्र की पात्रता भी होनी चाहिए बिना पात्रता के णमोकार मंत्र का लाभ नहीं है।
अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट 9929747312





