अखिल भारतीयदशा नरसिंहपुरा संस्थान के तत्वाधान में 1250 यात्रियों के यात्रा करने का अनूठा प्रयास है ऐसा प्रयास जैन समाज के हर संगठन को करना चाहिए :-प्रमाण सागर महाराज

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अखिल भारतीयदशा नरसिंहपुरा संस्थान के तत्वाधान में 1250 यात्रियों के यात्रा करने का अनूठा प्रयास है ऐसा प्रयास जैन समाज के हर संगठन को करना चाहिए :-प्रमाण सागर महाराज

प्रतापगढ़
अखिल भारतीय अखिल भारतीय दशा नरसिंहपुरा संस्थान के तत्वाधान में 1250 यात्रियों ने सम्मेद शिखर तीर्थ की वंदना की जिसकी सराहना सभी जगह हो रही है।

 

 

 

 

 

इन यात्रियों ने तीर्थ की वंदना करने के साथ साथ समस्त संतो के दर्शन भी किए एवं सम्मेद शिखर तीर्थ की तलहटी पर भव्य शोभा यात्रा भी निकाली गई। इस शोभायात्रा में पूज्य मुनि श्री प्रमाण सागर महाराज भी सम्मिलित हुए।

 

यह शोभायात्रा भ्रमण उपरांत गुणायतन परिसर आई जहां पूज्य मुनि श्री ने प्रमाण सागर महाराज ने दशा नरसिंहपुर समाज की जमकर तारीफ की और कहा कि यह ऐतिहासिक शोभायात्रा है। और इस संस्थान के तत्वाधान में 1250 यात्रियों के यात्रा करने का अनूठा प्रयास है। ऐसा प्रयास जैन समाज के हर संगठन को करना चाहिए।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

अखिल भारतीय दशा नरसिंहपुरा संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हर्ष जैन ने बताया कि समाज के तीन राज्यों से आए 1250 यात्रियों ने अपनी ड्रेस कोड में गुरुवार को तीर्थ पर विराजमान सभी साधु संतों के सानिध्य में एक भव्य शोभा यात्रा निकाली।

 

उन्होंने बताया कि शोभायात्रा सुबह निहारिका कलश मंदिर से प्रांगण से प्रारंभ हुई जो तीर्थ के प्रमुख मार्ग से होती हुई गुणायतन परिसर में संपन्न हुई। इसके बाद पूज्य मुनि श्री प्रमाण सागर महाराज के मुखारविंद से शांति धारा संपन्न हुई। एवं पूज्य मुनि श्री का मंगल उद्बोधन सभी को मिला।

शोभायात्रा का आकर्षण का केंद्र

 

यह यह शोभा यात्रा बहुत भव्य थी इसमें आकर्षण का केंद्र सबसे आगे दो युवक घोड़े पर सवार जैन ध्वज फहराते हुए चल रहे थे। एवं इसी के पीछे सम्मेद शिखर तीर्थ का बैंड जिसमें संगीतकार पंकज जैन अपनी स्वर लहरिया बिखेर रहे थे। जो भी इस शोभा यात्रा को देख रहा था वह सभी हर्षित नजर आ रहे थे। इसी क्रम में 700 महिलाएं विशेष परिधान में नजर आ रही थी और भक्ति नृत्य कर इस शोभा यात्रा को पुलकित कर रही थी। वही ढोल की आवाज सभी को मंत्र मुग्ध कर रही थी।

इस शोभा यात्रा में युवा शक्ति भी कुछ कम नहीं थी समस्त साधु संतो के साथ विशेष परिवेश में जय जयकार करते हुए चल रही थी। जो यह परिलक्षित कर रही थी कि युवा शक्ति धर्म की प्रभावना में पीछे नहीं है। इससे भी हेलो की जब लग रहा था जब सोधर्म इंद्र इंद्राणी विंटेज कर में सवार होकर चल रहे थे।

 

संस्थान के परम संरक्षक कुंती लाल जैन परिवार एवं यात्रा के पुण्यार्जक परिवार शामिल थे। इस यात्रा का आलम यह था यह शोभायात्रा जिन जिन मार्गो से गुजर रही थी वहां वहां के लोगों में यह आकर्षण का केंद्र बिंदु बनी रही। इसी के साथ जगह-जगह इस शोभा यात्रा का भव्य स्वागत किया गया।

संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी

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