अंग्रेजों ने सबसे बड़ा नाश हमारी गुरु कुल शिक्षा पद्धति को खत्म करके किया मुनि पुंगव श्री सुधासागर महाराज जिले के पत्रकार पहुंचे अपनी जिज्ञासा रखने
अशोकनगर
–भारतीय संस्कृति का अंग्रेजों ने सबसे बड़ा नाश किया है गुरुकुल शिक्षा पद्धति को नष्ट करने का हमारे यहां दुनिया की सबसे अच्छी शिक्षा पद्धति थी जहां सब चाहें राज पुत्र हो सेठ साहूकार हो या सामान्य जन सभी गुरुकुलों में रहकर शिक्षा के साथ संस्कार ग्रहण करते थे विदेशीयों ने हमारी शिक्षा पद्धति को भी वैतनिक कर दिया अब वे सब कर्मचारी हैं ऐसे ही हमारे यहां वैध कभी वेतन नहीं मिलता था उन्हें भेंट मिलती थी दूसरा शिक्षा हमारे यहां गुरु कुल परम्परा से चलती थी जहां बचपन से ही संस्कारो का बीजारोपण किया जाता था आज ये सबसे बड़ा व्यापार बन गया।
कैसी है हमारी संस्कृति कैसा हैं हमारा भारत देश गुरु की बदौलत ही हम भगवान को पहचान कर अपने जीवन का आदर्श बना लेते हैं सबसे पहले शिक्षा और स्वास्थ्य की ओर ध्यान देने की आवश्यकता है।
यह उद्गार सुभाषगंज मैदान में विशाल धर्मसभा को संबोधित करते हुए मुनि पुगंव श्री सुधासागरजी महाराज ने व्यक्त किए ।इसके पहले जिले के पत्रकार मिडिया जगत से सभी वरिष्ठ जन जिज्ञासा समाधान में पहुंचे और परम पूज्य आध्यात्मिक संत निर्यापक श्रमण मुनि पुंगव श्रीसुधासागरजी महाराज को श्री फल भेंट कर अपनी जिज्ञासा रखी इस दौरान जैन समाज अध्यक्ष राकेश कासंल महामंत्री राकेश अमरोद मंत्री विजय धुर्रा मंत्री संजीव भारिल्य संयोजक उमेश सिघई मनीष सिंघ ई मनोज रन्नौद थूबोनजी अध्यक्ष अशोक जैन टींगू महामंत्री मनोज भैसरवास व्यवस्था प्रमुख विपिन सिंघ ई ने सभी का सम्मान किया ।

दुष्ट राजाओ ने संत पुरुषो को भी नहीं छोड़ा*
उन्होंने कहा कि हमारे देश में एक दुष्ट राजा हुआ है कंस जो साधु संतों को अपने रथ को जुतवता था उसके रथ में अश्व का प्रयोग नहीं होता था ऐसे भी राजा हुए जिनके अत्याचारो का उल्लेख इतिहास में भरा पड़ा है फिर भी हमारे संस्कार खत्म नहीं हुए जब तक भारत मे गुरु कुल परम्परा रहेगी।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

