वात्सल्य वारिधि आचार्य श्री वर्धमान सागर एवम आचार्य श्री प्रज्ञासागर महाराज का वात्सल्य मिलन
चाकसू
वात्सल्य वारिधी 108 आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज का बिहार चाकसू होते हुए पदमपुरा के लिए चल रहा है चाकसू में पूर्व से विराजित रोड आचार्य श्री पुष्पदंत सागर जी के शिष्य तपोभूमि प्रणेता आचार्य श्री108 प्रज्ञा सागर जी ने संघ सहित आकर आचार्य श्री वर्धमान सागर जी की चरण वंदना की दोनों आचार्य संघ के मिलन को देखकर जनता बहुत आह्लादित , अभिभूत हुई और दोनों संघ के दर्शन करने हेतु समाज जन काफी संख्या में मौजूद रहे। समाज ने श्री चंद्रप्रभु भगवान की जय ,आचार्य श्री शांतिसागर महाराज की जय ,आचार्य श्री वर्धमान सागर महाराज की जय ,आचार्य श्री प्रज्ञा सागर जी महाराज की जयकारों से वातावरण को गूंजायमान कर दिया।

मौजूद समस्त संघ ने अगवानी कर चरण वंदना कर परिक्रमा लगाई। मंच पर पर आचार्य श्री वर्धमान सागर जी को विराजित कर दूध, केशर रत्नों पुष्प से चरण प्रक्षालन किए आचार्य श्री ने आचार्य श्री प्रज्ञा सागर जी को वात्सल्य रूपी आशीर्वाद दिया। दोनों आचार्य मंच पर विराजमान थे वइस मंगल अवसर पर टोंक,निवाई,जयपुर,किशनगढ़, चाकसू सहित अनेक नगरों से भक्त पधारे।दोनों आचार्य का 5 फरवरी का रात्रि विश्राम अक्षय निधि आदिश्वर धाम नसिया चाकसू में हुआ।
स्मृति
इसके पूर्व जब आचार्य श्री वर्धमान सागर जी उज्जैन की विहार कर रहे थे ,तब वर्ष 2018 उज्जैन तपोभूमि में मुनि प्रज्ञा सागर जी ने आचार्य श्री वर्धमान सागर जी की भव्य मंगल आगवानी की थी उस समय उन्होंने उन्होंने आचार्य श्री को तपोनिधि की उपाधि से अलंकृत किया था इसके साथ ही वर्ष 2018 में श्रवणबेलगोला महामस्काभिषेक में दोनों आचार्यों का मंगल सानिध्य भी प्राप्त हुआ था।
राजेश पंचोलिया इंदौर से प्राप्त जानकारी संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
