मुंबई में हुई अनोखी अगवानी,
मुंबई
प.पू. आचार्य श्री108 देवनन्दीजी गुरुदेव के सुशिष्य़ युगल मुनिराज प. पू. अमोघकिर्तीजी एवं अमरकीर्तीजी गुरुदेव का चातुर्मास मुंबई शहर में हो रहा है। उनकी मंगल अगवानी पूरे मुंबई शहर ने अनोखे तरीके से की।
मुबंई में अनकों उपनगर है. हर उपनगर से अलग अलग रथों पर मंगल कलश सजाकर पूरे मुंबई में सफऱ कर गुलालवाडी पहुचे, जहां इस रथों का स्वागत युगल मुनिराज के सानिध्य में दिल्ली के सुप्रसिध्द उद्योगपती श्री नवी जैन द्वारा श्रीफल फोडकर किया गया। मानों ऐसा लग रहा था जैसे पूरा मुंबई गुरुदेव के अगवानी कर रहा है। गौरतलब है कि इस बार पूरे मुंबई में एक ही संघ का चातुर्मास है।
इस अवसर पर णमोकार तीर्थ के अध्यक्ष नीलम जी अजमेरा, तीर्थक्षेत्र कमेटी के महामंत्री संतोष पेंढारी एवं गुलालवाडी के अध्यक्ष अशोक दोशी, ग्लोबल महासभा के अध्यक्ष जमनालाल हपावत सहित अनेको पदाधिकारी उपस्थित थे।

गौरतलब है कि, यह अनोखे रथ 50 किमी से भी ज्यादा मुंबई में घूमे, उन्होंने पूरे मुंबई में धर्म की प्रभावना की और वे गुलालवाडी पहुचे। इन सभी रथों पर युगल मुनिराज की चित्र, श्रीजी का चित्र, मंगल कलश, जैन धर्म की पताका लगाकर फुलों से सजाया गया था। जिसे बनाने के लिए संघस्थ ब्र. सुमन दीदी एवं सभी उपनगरों के युवाओ ने विशेष मेहनत की।

रैली के बाद हुई धर्म सभा में चातुर्मास मंगल कलश की स्थापना की गई और युगल मुनिराज का पिच्छी परिवर्तन हुआ। साथ ही णमोकार तीर्थ पर होनेवाले भव्य अंतरराष्ट्रीय पंचकल्याणक महोत्सव एवं महामस्तकाभिषेक महोत्सव की कलश आवंटन समिती का उद्घाटन हुआ।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
