जैन मुनियों के साथ विदेशी जिज्ञासुओं की आध्यात्मिक चर्चा :
: 14-7-2025 नांद्रे,
आकर्ष जैन, पुणे ने कहा की भारत के साथ साथ जैन धर्म का प्रसार विदेशों में भी फैल रहा है | विदेशी लोग भी जैन धर्म के सिद्धांतों और जीवनशैली को अपनाने में रुचि रख रहे है | इसी उद्देश्य से 11 जिज्ञासुओं का एक समूह आकर्ष जैन के संयोजन में जैन मुनियों की आहार चर्या और उनकी दिनचर्या देखने के लिए और उनका आशीर्वाद लेने के लिए नांद्रे आया था। इस समूह में भारत के अलावा बांग्लादेश, यूके और अमेरिका के भी प्रतिभागी थे।
नांद्रे में देश विदेश से पधारे इन भक्तो का बेंड बाजे से धुमधाम से स्वागत किया गया | नांद्रे के श्रावक – श्राविका द्वारा उन्हें तिलक लगाकर पुष्पमाला पहनाकर स्वागत किया | यह समूह इण्टरनेशनल स्कूल फॉर जैन स्टडीज, पुणे द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय समर स्कूल के अंतर्गत इसके डायरेक्टर डॉ श्रीनेत्र पाण्डेय के नेतृत्व में नांद्रे पधारा था।इन 11 प्रतिभागियों में प्रज्ञा जैन, आकर्ष जैन,अशोक जेतावत, तृषा झा, पुनीत तिवारी, सुवर्णा जैन, पल्लवी जैन, गौरव सिंह राठौर, प्रीति गुजर, ओनन्ना अख्तर (बांग्लादेश), रूथ वेस्टबी (यूके),मेरिसा गोमेज (अमेरिका) थे | नांद्रे में दिगंबर जैन मुनि श्री सारस्वत सागर जी महाराज, जयंत सागर जी महाराज, सिद्ध सागर जी महाराज और श्रुत सागर जी महाराज के दर्शन करके विविध धार्मिक विषयो पर चर्चा संपन्न हुई | जैन धर्म के सिद्धांतों और अहिंसा के मार्ग में, विदेशी लोगों की रुचि थी |




मुनी श्री सारस्वत सागर जी महाराज जी ने विदेश से आये हुये भक्तो को प्रवचन देकर उनके शंका का समाधान किया |नांद्रे, कागवाड,बाहुबली, नांदणी और कोल्हापुर के जैन मंदिरों के दर्शन करके यहाँ के इतिहास को जानकर उन्हें बहुत प्रसन्नता हुई | नांदणी के जिनसेन भट्टारक महास्वामीजी और कोल्हापुर के लक्ष्मीसेन भट्टारक स्वामीजी के साथ विविध विषयों पर उन्होने चर्चा की |
श्री अभिषेक अशोक पाटील, कोल्हापुर से प्राप्त जानकारी संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
