केवलज्ञान कल्याणक पर समवशरण से खीरी दिव्य ध्वनि
मुनि आदिनाथ की आहारचर्या संपन्न

देवपुरा।
देवपुरा में चल रहे श्री आदिनाथ जिन बिंब पंचकल्याणक प्रतिष्ठा में मुनि अमित सागर महाराज ससंघ सानिध्य और प्रतिष्ठाचार्य धर्मचन्द शास्त्री के निर्देशन मे केवलज्ञान कल्याणक मनाया गया। प्रात: मुनि आदिनाथ जब आहारचर्या को निकले तो चारों तरफ हे स्वामी नमोस्तु नमोस्तु नमोस्तु के स्वर गुंजायमान हो गए। चौके में पडगाहन पश्चात मुनि अमित सागर महाराज के निर्देशन में महामुनिराज आदिनाथ की आहारचर्या संपन्न हुई । धर्मसभा को संबोधित करते हुए मुनि अमित सागर महाराज ने कहा कि भगवान की भक्ति निर्मल भावों के साथ करनी चाहिए, तभी भक्ति का फल मिलता है। श्रावक को पाप कर्म नाश करने के लिए प्रतिदिन भगवान की भक्ति, गुरुओं की आराधना, शास्त्र स्वाध्याय और दान करना चाहिए। प्रवक्ता अनिल स्वर्णकार ने बताया कि दोपहर में केवल ज्ञान संस्कार विधि पश्चात भगवान का दिव्य समवशरण लगा। समवशरण से मुनिश्री अमित सागर महाराज की ओंकार के साथ दिव्यध्वनि देशना खीरी, समवशरण से मुनि श्री ने श्रावक श्राविकाओं के विभिन्न धार्मिक प्रश्नो का आगम सम्मत शंका समाधान किया ।

शाम को श्रीजी ओर मुनि श्री की आरती हुई। दिगंबर जैन चित्तौडा समाज की ओर से सौधर्म इंद्र दिनेश झगडावत को श्रावक अलंकरण की उपाधि से अलंकृत कर सम्मानित किया गया। देवपुरा मे धर्मसभा के दौरान मुनि सेवा संघ समिति सलूंबर द्वारा मुनि अमित सागर महाराज ससंघ को सलूंबर में आगामी 14 अप्रैल को महावीर जन्म कल्याणक महोत्सव में सानिध्य प्रदान करने हेतु श्रीफल भेंट कर सलूंबर पधारने की विनती की। इस अवसर पर लक्ष्मी लाल ढालावत, शांतिलाल गुनावत ,प्रभु लाल दोशी, धीरज भूता, जय प्रकाश जैन आदि मौजूद थे।
संकलन अभिषेक जैन लुहाडिया रामगंजमंडी
