सिद्ध चक्र महामंडल विधान अनुष्ठान का ध्वजारोहण के साथ शुभारंभसिद्धचक्र विधान में अनंत सिद्ध परमेष्ठी की आराधना !जस्टिस नरेंद्र काला सिद्ध चक्र अनुष्ठान में इन्द्र इन्द्राणियो ने जमकर भक्ति नृत्य किया 

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सिद्ध चक्र महामंडल विधान अनुष्ठान का ध्वजारोहण के साथ शुभारंभसिद्धचक्र विधान में अनंत सिद्ध परमेष्ठी की आराधना !जस्टिस नरेंद्र काला सिद्ध चक्र अनुष्ठान में इन्द्र इन्द्राणियो ने जमकर भक्ति नृत्य किया 

निवाई 3 जुलाई सकल दिगंबर जैन समाज के तत्वावधान में अष्टान्न्हिका पर्व को लेकर सेठ छिगन लाल कपूरचंद काला बपूई वालो के चैत्यालय में श्रेष्ठी शिखर चंद जस्टिस नरेंद्र कुमार सुरेश कुमार अजीत कुमार जैन काला द्वारा श्री श्री 1008 सिद्ध चक्र महामंडल विधान का शुभारंभ गुरुवार को ध्वजारोहण के साथ किया गया।

 

 

   अखिल भारतीय जैन धर्म प्रचारक विमल पाटनी जौंला हितेश छाबड़ा एवं राकेश संधी ने बताया कि गुरुवार को सर्वप्रथम सोधर्म इंद्र के साथ सभी श्रद्धालुओं ने भगवान चंद्र प्रभु की शांतिधारा के साथ कलशाअभिषेक किया इसके बाद विधानाचार्य पंडित सुरेश कुमार शास्त्री द्वारा मंत्रोच्चार के साथ ध्वजारोहण की क्रिया संपन्न करवाई जिसमें गाजे बाजे के द्वारा श्रेष्ठी शिखर चंद जस्टिस नरेंद्र कुमार सुरेश कुमार अजीत कुमार नितिन जैन काला ने ध्वजारोहण किया।

 

जौंला ने बताया कि 3 जुलाई से 11 जुलाई तक श्री सिद्ध चक्र महामंडल विधान की संगीत से विशेष पूजा अर्चना की जाएगी। विधान के लिए पात्रों का चयन किया गया जिसमें जस्टिस नरेंद्र कुमार जैन काला को सौधर्म इंद्र बनाया गया यज्ञ नायक शिखरचंद काला धनपति कुबेर सुरेश कुमार काला इशान इंद्र अजीत कुमार काला सानत कुमार इंद्र महावीर गोधा जयपुर को बनाया गया। गुरुवार को विधान में सकलीकरण इंद्र प्रतिष्ठा मंडप प्रतिष्ठा आचार्य निमंत्रण भूमि शुद्धि कलशाअभिषेक शांति धारा विधानाचार्य के प्रवचन संगीतकार रविंद्र एंड पार्टी द्वारा भजनों की प्रस्तुतियां दी गई। एवं 11 जुलाई को विश्व शांति महायज्ञ के साथ हवन पूर्णाहुति का आयोजन किया जाएगा। विधान से पूर्व मधु जैन मंजू जैन लीला जैन काला द्वारा अंकुरा रोपण की क्रिया की गई। इस दौरान विधान में मौजूद सभी श्रद्धालुओं ने अष्टानिका महापर्व एवं श्री सिद्ध चक्र महामंडल विधान अनुष्ठान सफलतापूर्वक संपन्न हो जिसके लिए मूलनायक भगवान चंद्र प्रभु के समक्ष श्री फल अर्घ्य चढ़ाकर आशीर्वाद लिया। गुरुवार को विधान मंडप पर सोधर्म इंद्र व सच्ची इंद्राणी द्वारा मंडप पर आठ श्रीफल अर्घ्य चढ़ाए गए। इस अवसर पर जस्टिस नरेंद्र कुमार जैन ने कहा कि अष्टानिहका पर्व में मैना सुंदरी ने श्रीपाल जी आदि 700 रोगियों के कुष्ठ रोग निवारण के लिए सिद्धचक्र विधान किया था उन्होंने कहा कि सिद्धचक्र विधान में अनंत सिद्ध परमेष्ठी की आराधना की जाती है इसलिए सिद्ध चक्र विधान में मंडप पर कुल 2040 अर्ध चढ़ाए जाते हैं। इस अवसर पर प्रेमचंद सोगानी विमल पाटनी ज्ञानचंद सोगानी राजेश जौंला रिंकू झांझरी रमेश संघी विजय टोंगया त्रिलोक हरभगतपुरा पदम पराणा, पवन सांवलिया महावीर प्रसाद छाबड़ा, विमल सोगानी पदमचंद टोंग्या हितेश छाबड़ा नरेश हथौना त्रिलोक रजवास धर्मचंद सेदरिया शकुंतला छाबड़ा संजू जौंला मंजू जैन अनिता छाबड़ा विजया टोंग्या मुन्नीदेवी सोगानी सहित अनेक लोग मौजूद थे

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