जीवन को बहुयामी बनाना चाहते हो तो विशलेषण करो अति विश्लेषक मत बनो”मुनिश्री प्रमाण सागर महाराज
भोपाल जीवन को बहुयामी बनाना चाहते हो तो विशलेषण करो अति विश्लेषक मत बनो”उपरोक्त उदगार मुनि श्री 108प्रमाणसागर महाराज ने 1100 क्वाटर अरेरा कालोनी में व्यक्त किये।
उन्होंने कहा कि विश्लेषण से जीवन की प्रगति है,वहीं (अतिविश्लेषण) बाल की खाल निकालने से जीवन अवरुद्ध हो जाता है, उन्होंने चार बातें विश्लेषण,अंतर विश्लेषण, द्वंद तथा आनंद का उदाहरण देते हुये कहा कि एक व्यक्ति ने फूल को सूंघा और फैक दिया दूसरे ने उन फूलों से माला गूंथी और रख दी तीसरा व्यक्ति ने फूल से सार निकाला और इत्र के रुप में समय आने पर उसका उपयोग करता है। उन्होंने कहा कि वस्तु एक ही है लेकिन तीनों ने उसका अलग अलग उपयोग किया इसी प्रकार मनुष्य के जीवन में घटनाएं घटती है,उन घटनाओं से व्यक्ति एक घटना मानकर भी जीता है तथा उस घटना का विश्लेषण करके उसका सार निकाल कर जीवन का उत्थान भी कर सकता है।

मुनि श्री ने कहा कि यदि आप जीवन को बहुयामी बनाना चाहते हो तो विशलेषण करो अति विश्लेषक मत बनो, जैसे दूध का मंथन करने से नवनीत निकलता है लेकिन जब ज्यादा मंथन होंने से वह नवनीत वेकार भी हो जाता है उन्होंने कहा कि विचार मंथन हमारे जीवन को प्रेरक बनाता है,अपने सम्बन्धों का अपने संपर्कों का सही से विश्लेषण करो, दूसरों का नहीं स्वं का विश्लेषण तथा अंतर विश्लेषण करो।एक व्यक्ति को प्रतिदिन 60 हजार विचार आते है उन विचारों में फालतू के विचारों को छोड़ो उन पर मंथन करने से कुछ मिलने वाला नहीं, बिना मतलब की बातों में उलझना अपने आपको सांड के सींग में गर्दन फंसाने के समान है, व्यर्थ के विचारों की आलोचना कीजिये और जो जरुरी हों उन्ही विचारों को अपने पास रखिये और अपने अंदर की बेलेन्स सीट को चैक करते रहिये और देखिये कि हमने कितना पुण्य कमाया है अथवा गंवाया तथा आत्महित की ओर कितना आगेबढ़ पाए है। प्रवक्ता अविनाश जैन विद्यावाणी ने बताया मुनि श्री प्रमाणसागर महाराज ससंघ की चातुर्मास कलश स्थापना समारोह 13 जुलाई रविवार को दौपहर 2 बजे से विद्या प्रमाण गुरुकुलम् अवधपुरी में होंने जा रहा है, उसके पूर्वचातुर्मास का प्रारंभ आषाढ सुदी 14 दिनांक 9 जुलाई गुरुवार से हो जाएगा ।उपरोक्त दिवस सभी साधक अपने चातुर्मास की स्थापना कर लेते है,10 जुलाई को गुरु पूर्णिमा है उक्त दिवस आचार्य गुरुदेव श्री विद्यासागर महाराज से संघस्थ मुनि श्री संधान सागर महाराज की जैनेश्वरी दीक्षा संपन्न हुई थी अतः 11वां मुनि दीक्षा महोत्सव श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जायेगा, प्रातः काल गुरुदेव की अष्टद्रव्यों से संगीतमय पूजन होगी एवं मुनि श्री के प्रवचन होंगे।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
