प.पू. श्रमण मुनि 108 श्री प्रणीत सागर जी ससंघ का हुआ भव्य मंगल प्रवेश,सैकड़ो श्रद्धालुओं ने किए पादप्रक्षालन-देवली धरा हुई विशुद्ध धरा 

धर्म

प.पू. श्रमण मुनि 108 श्री प्रणीत सागर जी ससंघ का हुआ भव्य मंगल प्रवेश,सैकड़ो श्रद्धालुओं ने किए पादप्रक्षालन-देवली धरा हुई विशुद्ध धरा 

 देवली 

 परम पूज्य पट्टाचार्य 108 श्री विशुद्ध सागर जी महाराज के प्रभावक शिष्य श्रमण मुनि 108 श्री प्रणीत सागर जी महाराज एवं क्षुल्लक105 श्री विधेय सागर जी महाराज ससंघ ने देवली में भव्य मंगल प्रवेश किया! वो कहते है ना जब मन शुद्ध हो, तन शुद्ध हो तो हर कार्य निर्विघ्न होते है इसी का साक्षात प्रमाण देवली में देखने को मिला जिसमे स्वयं देवताओ ने भी मुनि संघ की आगवानी करते हुए शुद्ध वर्षा के जल से पादप्रक्षालन किये एवं मौसम को अनुकूल बना दिया ! 

 

 

 

णमोकार मण्डल के सदस्य धर्मचन्द जैन साँडला एवं ओमप्रकाश जैन टोरडी ने बताया की मुनि संघ का देवली में होने जा रहे स्मृति परिवर्तन-2025 चातुर्मास के दौरान प्रातः 8बजे जहाजपुर चुंगी नाके से देवली में प्रवेश किया जहां समाज के सैकड़ों श्रद्धालुओं ने मुनि संघ की अगवानी करी! चुंगीनाके से एक विशाल जुलूस में मुनि श्री का नगर प्रवेश करवाया गया, जिसमें सभी श्रावक जैन धर्म के भजनों पर नाचते गाते हुए, नारे लगाते हुए चल रहे थे, वही पूरे शहर को स्वागत द्वार एवं बलून डेकोरेशन से चन्द्रपभु मन्दिर तक सजाया गया! दिगम्बर जैन अग्रवाल समाज के अध्यक्ष सहित जैन समाज के अन्य मन्दिर के अध्यक्षों ने भी मुनि संघ की अगवानी की एवं पादप्रक्षालन किये इसी के साथ श्रद्धालुओं में मुनि श्री के पादप्रक्षालन की होड़ सी लगी रही!जुलूस में राजस्थानी बेंड, राम दरबार बेंड भजनों की मधुर स्वर लहरी के साथ चल रहे थे!

मुनि संघ ने सदर बाजार होते हुए चन्द्रपभु भगवान मन्दिर, मुख्य बाजार से महावीर मन्दिर से पुनः मुख्य बाजार से विवेकानंद कॉलोनी स्थित शांतिनाथ भगवान मन्दिर के दर्शन किये एवं वहाँ से चातुर्मास स्थल पार्श्वनाथ धर्मशाला में भव्य मंगल प्रवेश किया!

 

युवा परिषद मीडिया प्रभारी विकास जैन टोरडी ने बताया की मुनि श्री ने चातुर्मास स्थल पर पहुंचकर विशाल धर्मसभा को अपनी पीयूष वाणी से सम्बोधित किया। मुनि श्री के प्रवचन से पूर्व सर्वप्रथम शांतिनाथ भगवान, समाधिस्थ गणाचार्य 108 श्री विरागसागर जी महाराज, एवं श्रमणाचार्य 108 श्री विशुद्ध सागर जी महाराज का चित्र अनावरण किया गया इसी के साथ दीप प्रज्वलन एवं मुनि श्री का पद प्रक्षालन किया गया! मुनि श्री का पादप्रक्षालन दिगम्बर जैन अग्रवाल समाज अध्यक्ष बंशीलाल सर्राफ, महावीर मन्दिर अध्यक्ष पदम चंद पाटनी, आदिनाथ मन्दिर अध्यक्ष ललित जी, पार्श्वनाथ मन्दिर अध्यक्ष संजय पापड़ीवाल, शांतिनाथ मन्दिर अध्यक्ष अनिल जैन ने, चातुर्मास कमेटी अध्यक्ष बाबूलाल जैन नासिरदा,महामंत्री घीसालाल जैन खेड़ा वाले, मंत्री नेमीचंद जैन साँडला, जितेंद्र मित्तल बाजटा ने किया मुनि संघ के पादप्रक्षालन कर शास्त्र भेंट किये!

 

 

परम पूज्य मुनि श्री ने प्रवचन के दौरान कहा की शिक्षक को शिक्षा देने के दौरान, वाहन चालक को गन्तव्य पर पहुंचने की, नेता को विजय होने की जो अनुभूति होती है वही अनुभूति आज देवली के श्रावकों के चेहरे पे झलक रही है! मुनि श्री ने बताया की चातुर्मास का महत्व केवल उन्हीं लोगों के लिए होता है जिनमे 5गुण होते है, वह 5 नियम विनय, समर्पण, समय प्रवर्तन ,अनुशासन एवं लक्ष्य निर्धारण करने की क्षमता हो वही श्रावक चातुर्मास का लाभ के सकते है! क्षुल्लक 105 विधेय सागर जी महाराज ने अपनी काव्यमयी वाणी से गुरुभक्ति प्रस्तुत की एवम सभा मे सर्वप्रथम मंगलाचरण आशु एवं शिवानी जैन द्वारा प्रस्तुत किया गया, एवं कार्यक्रम का संचालन सत्यनारायण जैन सावर वालों ने कियातत्पश्चात मुनी संघ की आहारचर्या सम्पन्न हुई!

               अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट 9929747312

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