स्वर कोकिला आर्यिका पूर्णमति माताजी के बढते कदम गंजबांसोदा की और
राहतगढ़
पूज्य स्वर कोकिला आर्यिका 105 पूर्णमति माताजी ससंघ सानिध्य में महती धर्म की प्रभावना हुयी। यहाँ
पांच दिवसीय श्री 1008 मज्जिनेंद्र समवशरण महामंडल विधान एवं विश्वशांति महायज्ञ अभूतपूर्व उल्लास के साथ हुआ। बुधवार सुबह श्रीजी का विहार श्री 1008 पार्श्वनाथ जिनालय गंज के मंदिर जी से मंदिर निर्माण स्थल की ओर जुलूस के रूप में हुआ। इस दौरान नवीन भव्य पाषाण जिनालय का शिलान्यास समारोह आर्यिका संघ के सानिध्य में एवं बाल ब्रह्मचारी धीरज भैया एवं नितिन भैया खुरई के मंगल निर्देशन में संपन्न हुआ। राहतगढ़ नगर को आचार्य भगवन विद्यासागर जी महाराज की अनुकंपा नगरी के रूप में जाना जाता है। आर्यिका पूर्णमति माताजी इस अवसर पर आर्यिका रत्न पूर्णमति माताजी ने अपने उदबोधन मे कहा राहतगढ़ नगर को आचार्य भगवन विद्यासागर जी महाराज की अनुकंपा नगरी के रूप में जाना जाता है। जहां 2016 में आचार्यश्री ससंघ पधारे, हथकरघा की सौगात मिली और जहां 2016 में आचार्यश्री ससंघ पधारे, हथकरघा की सौगात मिली और हमेशा मुनि आर्यिका संघो के सानिध्य के रूप मे आशीर्वाद भी मिलता रहता है। उद्बोधन बाद श्रीजी के अभिषेक पूजन के साथ शिलान्यास समारोह की आवश्यक क्रियाएं संपन्न हुई। वहीं शाम को आर्यिका संघ का विहार गंजबासौदा की ओर हो गया।
संकलित अभिषेक जैन लुहाड़ीया रामगंजमंडी
