संसार में सुख नहीं सुख का आभास है मुनिश्री प्रज्ञान सागर महाराज*

धर्म

संसार में सुख नहीं सुख का आभास है मुनिश्री प्रज्ञान सागर महाराज*
नैनवा
25 जून बुधवार 2025 बड़े जैन मंदिर में धर्म सभा के शुभारंभ से पूर्व भगवान के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन बाबूलाल जैन बरमुंडा ललित जैन द्वारा किया गया।

 

 

मंगल प्रवचन देते हुए मुनिश्री 108विज्ञान सागर महाराज ने बताया कि जिस वस्तु को हम सुख मान रहे हैं वह बहुत गलत धारणा बनी हुई है आज का मनुष्य धन दौलत पत्नी पुत्र मकान दुकान को सुख मान रहा है यह सब नश्वर है इसमें कभी ना सुख होगा केवल मात्र मनुष्य का एक भ्रम बना हुआ है।

 

उन्होंने यह भी बताया बिना धार की कुल्हाड़ी अधिक समय तक लकड़ियों को नहीं काट सकती उसे धार लगाना बहुत जरूरी होगा ठीक उसी प्रकार धर्म रूपी बुद्धि में तेज रफ्तार करने के लिए कुल्हाड़ी की तरह धार लगाना जरूरी है।

उन्होंने कहा कि नीम के पेड़ बड के पेड़ बहुत बड़े मोटे होते हैं बड़े लंबे होते हैं परंतु मात्र जलाने के काम ही आते हैं उनका उचित अधिक नहीं है शीशम चंदन के वृक्ष छोटे होते हैं बहुत कम होते हैं लेकिन कीमती होते हैं हर जगह उत्पन्न नहीं मिलते उनकी बहुत मांग रहती है।

अंत में मुनिश्री ने कहा कि णमोकार महामंत्र का ऐसा प्रभाव* है की एक सास द्वारा अपनी बहू को सांप से डस ले इसके लिए एक घड़े में सांप रख दिया और बहु से कहा कि घड़े में हार रखा हुआ है उसे निकाल कर पहन लो बहु बहुत धार्मिक संस्कारों की थी उसने घड़े में हाथ डालने के पहले णमोकार महामंत्र का पाठ किया और अपना हाथ घड़े में डाल दिया अंदर सर्प का णमोकार मंत्र के प्रभाव से एक हार बन गया इतनी बड़ी महिमा मुनि ने णमोकार महामंत्र की बताई
श्रद्धा पूर्वक जपने से संसार के सारी बाधाये इस मंत्र से दूर हो जाती है।

 

ललितपुर से आएभक्तों का समिति द्वारा सम्मान श्रीमती साक्षी जैन योगेश जैन सराफ का समिति के अध्यक्ष कमल मारवाड़ा विनोद बरमूडा द्वारा तिलक माला पहनाकर स्वागत सम्मान किया।

 

सच्चे देव शास्त्र गुरु ही पूज्य हैं
मंगल प्रवचन देते हुए मुनिश्री 108प्रसिद्ध सागर महाराज ने बताया कि आज का मनुष्य अज्ञानता के कारण ही मन में जैसे विचार उत्पन्न होता है वैसा ही करता है अपने मन को स्थिर कर जिनेंद्र देव की पूजा करना सर्वोत्तम है। सच्चे देव शास्त्र गुरु ना तो कुछ लेते हैं नहीं कुछ देते हैं वही सच्चे देव है। अज्ञानता के अंधकार को दूर करने के लिए भक्त को ज्ञान प्राप्त करने के लिए गुरु की शरण में आना ही होगा।26 जून गुरुवार को प्रातः 7:00 बजे अग्रवाल दिगंबर जैन बड़े मंदिर में सिद्ध चक्र महामंडल विधान आठ दिवसीय पात्रों का बोलियों द्वारा चयन किया जाएगा

वर्षायोग मीडिया प्रभारी महावीर कुमार सरावगी से प्राप्त जानकारी संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

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