आचार्य श्री सुनीलसागर महाराज का डूंगरपुर में हुआ मंगल प्रवेश सदाचार और शाकाहार से ही पृथ्वी को बचाया जा सकता है आचार्य श्री सुनील सागर महाराज
डूंगरपुर
आचार्य श्री 108 आदिसागर महाराज की अंकलीकर परंपरा के चतुर्थ पट्टाधीश आचार्य श्री 108 सुनील सागर महाराज का संघ सहित डूंगरपुर नगर में भव्य मंगल प्रवेश हुआ। सैकड़ो युवाओं ने खेड़ा कच्छवासा से विहार करवाया। आचार्य श्री की अगवानी में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। बैंड बाजों और नासिक के ढोल के साथ जयकार करते हुए नगर के प्रमुख मार्गो से भव्य शोभायात्रा निकाली जगह-जगह गुरुदेव का पद प्रक्षालन किया गया एवं मंगल आरती की गई। प्रमुख मार्गो से होती हुई शोभायात्रा प्रवचन स्थल पर पहुंची।
प्रवचन सभा में गुरुदेव के चरणों का पद प्रक्षालन करने का सौभाग्य हितेश कुमार, महावीरकुमार, केवलकुमार नागदा परिवार एवम गजेंद्र कुमार विरदावत परिवार को प्राप्त हुआ।


आचार्य श्री ने अपने मंगल प्रवचन में सदाचार और शाकाहार पर बल दिया आचार्य श्री ने कहा कि पृथ्वी पर रोज नई समस्याएं आ रही है। इनका समाधान सदाचार और शाकाहार से ही संभव है। पृथ्वी को बचाने का यही एकमात्र उपाय है।


पर्यावरण संरक्षण आज की सबसे बड़ी जरूरत है। जब तक जल स्रोत वन नहीं बचेंगे तब तक सुरक्षित जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
