आचार्य श्री सुंदर सागर महाराज को दिगंबर जैन समाज नैनवा ने नैनवा आगमन हेतु श्रीफल भेटकर किया निवेदन 

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आचार्य श्री सुंदर सागर महाराज को दिगंबर जैन समाज नैनवा ने नैनवा आगमन हेतु श्रीफल भेटकर किया निवेदन 

  नैनवा 

दिगंबर जैन समाज नैनवा ने कोटा ने रिद्धि सिद्धि दिगंबर जैन जिनालय में विराजमान आचार्य श्री 108 सुंदर सागर जी महाराज संघ को दिगंबर जैन समाज नैनवां की और से श्रीफल भेंट कर प्रवास के लिए निवेदन किया।

 

 

         इस अवसर पर नैनवा की और से बीस पथ समाज अध्यक्ष कमल कुमार मारवाड़ा वर्षायोग समिति मंत्री नेतीलाल जैन मीडिया प्रभारी महावीर सरावगी कोषाध्यक्ष कमल जैन चैप्टर मोहनलाल जैन मारवाड़ा विनोद कुमार जैन मारवाड़ा निर्मल जैन पाटनी टोनी जैन महेंद्र सेठी अतुल जैन मारवाड़ा संजय जैन मारवाड़ा लवी जैन मारवाड़ा आशीष मोडीकाजयंत सोगानीशैलेंद्र जैन मारवाड़ा सुनील मारवाड़ा राकेश जैन मारवाड़ा आदि समिति के सदस्य ने श्री फल भेंट किया। निवेदन किया कि दिगंबर जैन समाज नैनवा श्री फल भेट कर निवेदन किया की कुछ समय का प्रवास जयपुर जाते वक्त हमें देंआचार्य श्री ने सभी भक्तों को मधुर मुस्कान के साथ आशीष प्रदान किया।

मंगल प्रवचन देते हुए आचार्य सुंदर सागर महाराज ने कहा मोक्ष रूपी चार दरवाजे हैं उनको खोलने के लिए अपने मन की चाबी का लगाना बहुत जरूरी है।

अपने हाथ में पांच उंगली होती है तभी हाथ की शोभा है एक उंगली कट जाने पर मुनि नहीं बन सकता पांचो उंगली का होना बहुत उपयोगी मुनि ने बतायाविश्राम के लिए की चारपाई के चार पागे होते हैं चार पागौ में एक पागा विघटन होने पर चारपाई की कीमत समाप्त हो जाती है उसका अस्तित्व नहीं होता जिनवाणी सुनने से आत्मा को शांति प्राप्त होती है शस्त्र जीव का विनाश करता है और शास्त्र जीवन का कल्याण करता है।उन्होंने कहा जिनवाणी सुनने से नर से नारायण बन जाता है।

 

वर्षा योग मीडिया प्रभारी महावीर सरावगी नैनवा से प्राप्त जानकारी संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

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