अपने अंदर की खोज कोलंबस के अमेरिका खोजने से बड़ी है प्रसन्न सागर महाराज 

धर्म

अपने अंदर की खोज कोलंबस के अमेरिका खोजने से बड़ी है प्रसन्न सागर महाराज 

(7 जून) अंतर्मना आचार्य श्री प्रसन्न सागरजी महाराज की उत्तराखण्ड से तरूण सागरम तीर्थ दिल्ली अहिंसा संस्कार पदयात्रा चल रही है आज विहार दरम्यान उपस्थित गुरु भक्तों को संबोधित करते हुए आचार्य श्री प्रसन्न सागरजी महाराज ने कहा कि अपने अन्दर की खोज -कोलंबस के अमेरिका खोजने से बड़ी है..! 

 

 

 

     महाराज श्री ने कहा स्वयं काज्ञान, विवेक, बुद्धि ही सर्वोच्च है। इसके बिना सब ज्ञान निरर्थक है। सब कुछ आधा और अधूरा सा है। आज के मानव का स्वभाव इससे विपरीत है। आज हम दूसरों को जताने, समझाने और बताने के प्रयास में ही रहते हैं। स्वयं को जानने, पहचानने, और स्वयं को पढ़ने की कोई ललक नहीं है। दूसरों को जताकर, या उनकी जीवन कहानी जानकर हमें आज तक कुछ भी हासिल नहीं हुआ, समय बर्बादी के अलावा।जो स्वयं को ना जान पाया हो, ना समझ पाया हो, वह भला दूसरों को क्या समझा पायेगा-? स्वयं को जानने, समझने, और स्वयं को पाने का प्रयास ही आत्म ज्ञान की पहली सीढ़ी है। उन्होंने कहा मनुष्य जीवन की सबसे बड़ी चुनौती यही है कि हम स्वयं को जाने, पहचाने और स्वयं को पढ़ें। अन्यथा इसके बिना जीवन ऐसा है जैसे – नाव तो है, पानी भी है लेकिन मांझी मूर्छित है। आध्यात्म ही एक ऐसा मार्ग है, जो व्यक्ति को स्वयं की अनुभूति करा सकता है। सत्य और असत्य का बोध करा सकता है,, सही और गलत की पहचान करा सकता है।आज हम स्वयं से बहुत दूर हो गये हैं, क्योंकि हमने पर-वस्तु को सत्य मान लिया है। जो इन चर्म चक्षुओं से दिख रहा है, वो सब एक दिन, एक समय बाद, यहीं छूट जायेगा। इसलिए यह जानना और समझना बहुत जरूरी है कि* — हम क्या हैं-? क्या पाना चाहते हैं-? और किस लिए यहाँ आये हैं-? हमारे जीने का उद्देश्य क्या है-? हमारी शक्ति क्या है-?

 

 

यदि हम जीवन को सार्थक करना चाहते हैं, तो जीने का उद्देश्य तो तय करना ही होगा। आत्म ज्ञान, आत्म बोध, आत्म शक्ति – हमारे अन्तःकरण को प्रकाश से प्रकाशित कर सकती है। अन्यथा हम जीवन भर दूसरों को टोर्च से ही देखते रहेंगे और स्वयं अन्धकार में। इसलिए — अब टोर्च का फोकस स्वयं की ओर करो और अन्धकार से प्रकाश की ओर आओ…!!!  

 कल होगा भव्य मंगल प्रवेश

  उत्कृष्ट सिंह निष्क्रीडित व्रतकर्ता, साधना महोदधि, उभय मासोपवासी अन्तर्मना आचार्य श्री प्रसन्नसागर जी महाराज एवं सौम्य मूर्ति उपाध्याय मुनि श्री पीयूष सागरजी महाराज (ससंघ) का भव्य मंगल प्रवेश रविवार, 8 जून 2025 सुबह 7.00 बजे मगल प्रवचन रविवार, 8 जून 2025 सुबह 8 बजे से 10 बजे तक स्थान : सांवरिया टेन्ट जापानी पार्क, रोहिणी, दिल्ली में होगा 

 

पूज्य गुरुदेव का पद विहार दिल्ली के पीतमपुरा, जलबोर्ड कॉलोनी स्थित… विवेकानंद इंस्टीट्यूट ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज टेक्निकल कैम्पस से प्रातः 07:00 बजे शुरू होकर प्रातः 08:00 बजे सांवरिया टेन्ट जापानी पार्क पहुंचेगा।           

 

 

नरेंद्र अजमेरा पियुष कासलीवाल औरंगाबाद से प्राप्त जानकारी संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

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