गुरु के उपकार को कभी भुलाया नही जा सकता मृदुमति माताजी
दमोह
आचार्य श्री विद्यासागर महाराज के 57 वा मुनि दीक्षा महोत्सव जैन धर्मशाला में मुनि श्री प्रयोग सागर महाराज, मुनिश्री सुवृतसागर महाराज, एवं आर्यिका 105 मृदुमति माताजी, अपूर्व मति माताजी संघ सानिध्य में मनाया गया इस अवसर पर श्रीजी के अभिषेक उपरांत आचार्य श्री का मंगल पूजन किया गया एवं मुनि श्री को शास्त्र भेंट करने का लाभ कुंडलपुर क्षेत्र कमेटी के पूर्व अध्यक्ष संतोष सिंघई, नेमचंद बजाज परिवार एवं अन्य भक्तों को प्राप्त हुआ इस अवसर पर सभी समाज बंधुओ ने समस्त संघ को वर्षा योग हेतु निवेदन किया।
गुरु गुणानुवाद करते हुए आर्यिका 105 अपूर्व मति माताजी ने कहा कि आचार्य श्री वर्तमान के वर्तमान के रूप में है हम सबके लिए आस्था का केंद्र हैं। उनसे हमने ना सिर्फ ज्ञान, वात्सल्य पाया वरन उन्होंने हमें अनुशासन का पाठ पढ़ाकर मोक्ष मार्ग दिखाया।

आर्यिका 105 अनुत्तरमती माताजी एवम अनूपमती माताजी ने गुरु के प्रति भाव प्रकट करते हुए कहा कि जिस तरह हिमालय की ऊंचाई और चंदन की खुशबू को साबित नहीं करना होता, इसी तरह हमारे आध्यात्मिक गुरु आचार्य श्री को पहचान की आवश्यकता नहीं है। आचार्य श्री संसार में थे किंतु संसार उनके अंदर नहीं था, हमारी भावना है कि ऐसे महान गुरु से अगले भव में मुनि दीक्षा पाकर अपने जीवन का कल्याण करें।
इस अवसर पर आर्यिका 105 मृदुमति माताजी ने अपने भाव प्रकट करते हुए कहा कि गुरु के उपकार को कभी बुलाया नहीं जा सकता। आचार्य श्री ने बिंदु के बराबर लिया और हमको सिंधु के बराबर लौटा दिया है। गुरु के गुणगान को गाने के लिए यह जीवन बहुत छोटा है।
धर्म सभा की अंत में मुनि श्री प्रयोग सागर महाराज ने अपने मंगल प्रवचन में कहा कि जैन धर्म में संयम का विशेष महत्व है। गुरु का निमित्त पाकर हजारों लाखों लोगों ने अपनी आत्मा का कल्याण कर लिया। दीक्षा दिवस मनाना सरल है किंतु गुरु के उपदेश को अपनाकर अपने जीवन को उत्कृष्ट बनाना कठिन है। गुरुदेव ने बुंदेलखंड में धर्म की प्रभावना की और अपने ज्ञान से सभी का धर्म का मार्ग प्रशस्त किया निग्रंथ साधु का जीवन समझना है तो स्वयं को साधू बनना पड़ता है।
आचार्य महाराज का जीवन हमें हर कदम पर प्रेरणा देता है, उनका जीवन एक धर्म का दीपक था, जिससे हजारों दीपक धर्म की मार्ग पर जल उठे। एक दीप से लाखों दीप जल उठे। उनके बताएं मार्ग और संस्कारों से हमें अपने जीवन को उत्कृष्ट बनाना है।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
