ज्ञान संस्कार बाल शिक्षण शिविर में सिलाई प्रशिक्षण15 वर्ष,1000 से ज्यादा छात्राओं ने ली सिलाई की शिक्षा

धर्म

ज्ञान संस्कार बाल शिक्षण शिविर में सिलाई प्रशिक्षण15 वर्ष,1000 से ज्यादा छात्राओं ने ली सिलाई की शिक्षा
रघुनाथपुर/-

परम पूज्य आचार्य श्री ज्ञान सागर जी महाराज की प्रेरणा और आशीर्वाद से पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिला के रघुनाथपुर में जैन मंदिर धर्मशाला पर 15 वर्षों से छात्राओं के लिए सिलाई प्रशिक्षण दिया जा रहा हैं। जिसमें 1000 से ज्यादा महिलाओं ने प्रशिक्षण प्राप्त कर स्वरोजगार से अपना जीवन यापन कर आत्मनिर्भर जीवन जी रही हैं

 

 

आचार्य श्री ज्ञान सागर जी महाराज के जन्म दिवस के पावन अवसर पर चल रहे ज्ञान संस्कार बाल शिक्षण शिविर के दौरान सिलाई प्रशिक्षण के लिए मध्य प्रदेश से श्रीमती स्नेहा जैन,साधिका जैन, सपना जैन ने हाथ में निर्भर जीवन कैसे जिऐं इसके लिए हमें कोई ऐसी कला जिससे धनर्जन कैसे हो उसके लिए एक है सिलाई प्रशिक्षण प्राप्त करना, सभी ने सिलाई के विशेष गुण एवं उसके सीखने से लाभ पर अपनी बात रखी।

 

 

14 से 18 मई तक चल रहे ज्ञान संस्कार शिक्षण शिविर में धार्मिक शिक्षा के साथ सिलाई, मेहंदी, पेंटिंग, नृत्य की शिक्षा दी जा रही हैं जिसमें 500 से ज्यादा शिवराथियों ने भाग लिया।शिक्षण शिविर सुंदराबाध, भगाबांध, पंच पहाड़ी, लायक डागा,धनिया डांगा, वेडों आदि स्थानों पर धर्म प्रभावना पूर्वक चल रहे हैं।

आत्मनिर्भर कार्यक्रम में उपस्थित छात्राओं ने णमोकार मंत्र के साथ एवं आचार्य ज्ञान सागर जी महाराज के चित्र के समक्ष दीपप्रज्वलन,मंगलाचरण के साथ कार्यक्रम प्रारंभ हुआ जिसमें आत्मनिर्भर के विषय में सभी विद्वानों ने अपने विचार रखें इसके साथ शाकाहार के संबंध में जानकारी दी की किस प्रकार शाकाहार हमारे जीवन को महत्वपूर्ण स्थान पर पहुंचने के लिए सहायक होता है,

शिविर संयोजक मनीष विद्यार्थी ने बताया की शिक्षण शिविर के माध्यम से कम समय में दी जाने वाली शिक्षा,हमारे लिए उस दिशा में बीजारोपण करने का कार्य करती है, इसलिए आयोजन होने पर ऐसे शिक्षण शिविरों में हमें भाग लेकर समय का सदुपयोग करना चाहिए। कार्यक्रम में पधारें प्रमुख विद्वान पं. जयकुमार जी दुर्ग, राजकुमार शास्त्री, रीतेंद्र जैन, रामदुलार जैन उपस्थित रहें।

मनीष जैन विद्यार्थी सागर से प्राप्त जानकारी संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

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