दुनिया से कूच करने से पहले अवश्य जाग जाना वरना तुम अभागों के सिरमोर कहे जाओगे प्रसन्न सागर महाराज
अष्टापद बद्रीनाथ
अन्तर्मना आचार्य श्री प्रसन्न सागरजी महाराज उत्तराखंड के बद्रीनाथ क्षेत्र में विराजमान हैं उनके सानिध्य में विविध धार्मिक आयोजन हुए।
05/मई/2025 को प्रातः पूजन दीप आराधना हुई संपन्न पूजन के पश्चात 06 माह बाद भगवान आदिनाथ एवं चौबीसी भगवान चरण के अंतर्मना ससंघ के परम मंगलमय सानिध्य में द्वार खुले।

तत्पश्चात चौबीस चरण एवं भगवान आदिनाथ का एक साथ मंगल अभिषेक शांतिधारा ध्वजा छत्र चढ़ाया गया।!गुरुदेव अंतर्मना के मंगलमय आशीष से प्रस्तावित अंतर्मना निलय (यात्री निवास )का भूमि पूजन हुआ एवं शिलान्यास किया गया

इस अवसर पर आचार्य श्री ने कहा कि
दुनिया में तीन तरह के लोग है -एक – वे लोग जिन्हें यह नहीं मालूम है, कि वे कौन है?दूसरे – वे लोग जो स्वयं से पूछते हैं – कि वे कौन है?तीसरे – वे लोग जिन्होंने जान लिया कि वे कौन है?


पहले तरह के लोग संसारी है। दूसरे सन्यासी है तथा तीसरे जीव सिद्ध परमात्मा है।जिन्दगी की मूल जिज्ञासा स्वयं को जानने की है। जिसने अपने आप को जाना है, वही महावीर बन पाये। कुछ लोग बचपन में ही जाग जाते हैं, नि:संदेह वे बड़भागी है। उनके सौभाग्य का क्या कहना। जैसे कुंदकुंद जिनसेन ऐसे ही थे। जो लोग बचपन में सोए रहते हैं, लेकिन जवानी में जाग जाते हैं, वे भी भाग्यशाली है महावीर, बुद्ध ऐसे ही सौभाग्यशालीयों में से थे, और कुछ लोग बचपन में भी सोए रहते हैं, जवानी में भी सोए रहते हैं पर बुढ़ापे में जाग जाते हैं, *वे भी भाग्यशाली है लेकिन बहुत से लोग तो सोए सोए ही पैदा होते हैं, सोए सोए जीते हैं और सोए सोए ही दुनिया से कूच कर जाते हैं, चले जाते हैं, ऐसे अभागों के विषय में क्या कहें और क्या करें?तुम भी दुनिया से कूच करने से पहले अवश्य जाग जाना..
वरना तुम अभागों के सिरमोर कहे जाओगे…!!!
नरेंद्र अजमेरा पियुष कासलीवाल औरंगाबाद से प्राप्त जानकारी संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

