नदियां हमारी जीवन रेखा है, इनके संरक्षण के लिएखड़गदा की राम कथा मील का पत्थर बनेगी: आचार्य श्री पुलकसागर जी आए समर्थन में

धर्म

नदियां हमारी जीवन रेखा है, इनके संरक्षण के लिएखड़गदा की राम कथा मील का पत्थर बनेगी: आचार्य श्री पुलकसागर जी आए समर्थन में
सागवाड़ा
, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक समरसता को लेकर खड़गदा में 28 दिसंबर से 5 जनवरी तक होने वाली रामकथा को राष्ट्रीय संत आचार्य श्री 108 पुलक सागरजी महाराज ने भागीरथ काम की संज्ञा दी।

आचार्य ने श्री रामकथा वाचककमलेश भाई शास्त्री, उनकी व्यासपीठ  समिति के सदस्यों, यजमानों व भामाशाहों को यह बीड़ा उठाने के  लिए शुभकामनाएंदेते हुए आमजन को इसमें सहयोग का आह्वान किया।

 

 

आचार्य श्री ने कहाकि दाना और पानी की शुद्धिबहुत आवश्यक है। कई भविष्यवाणियां की गई हैं किअगला विश्व युद्ध पानी के लिएहोगा। पानी के लिए आदमी लड़ेगाउस अनहोनी को टालने का प्रयासकथावाचक कमलेश भाई शास्त्री की ओर से हो रहा है। जल का  संरक्षण होना ही चाहिए। जो उनका मकसद है, वह हमारा मकसद ह और जो हमारा मकसद है वह पूरे देश का मकसद है।

 

 

आचार्य ने कहा कि मुझे बहुत खुशी हुई कि  मोरन नदी का उद्धार
किया जा रहा है। अभी तक हमसोचते थे कि नदियां लोगों को पवित्र  करती हैं, पर अब लोग भीनदियों को पवित्र करते हैं। नदिया ही है हमारी लाइफ लाइन है, जीवनहै। आचार्य ने कहा कि जल संरक्षण का जो प्रयास शास्त्री अपनी व्यासपीठ के माध्यम से कर रहे है, पूरे मनोयोग से मै उनके साथ हूं और पूरे देश को एक संत होने के नाते आह्नानकरता हूं, खासकर वागड़ को,यहां हरा भरा वागड़ हो, हरियालीसे भरा हो, सुख-समृद्धि से भरा हो सामाजिक समरसता केमाध्यम से आदमी आदमी केबीच जो दूरियां हो रही है उन्हें पाटने का प्रयास करें। रामकथा के माध्यम से आप पूरे देश मेंलोगों को लोगों से जोड़ने का प्रयास करते हैं। किसी भी देश केउत्थान और पतन में हजारों लोग कारण नहीं होते, चार अच्छे औरसच्चे लोग कारण होते हैं। अगर वेचार लोग जागृत हो जाएं तो हजारोंलोग जागृत हो जाएंगे। मैं उन्हें उनके मिशन के लिए आशीर्वाददेता हूं और जहां मेरी वाणी और विचारों की जरूरत होगी मैं उनकेसाथ हूं। लोगों से यह अपील करता करता हूं कि देश बचाओ, भूमि बचाओ, जल बचाओ, पवन बचाओ, हरा भरा वागड़ हो जाएयह मेरा भी सपना है।

संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

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