जीवन ऐसा जियो की दृष्टान्त बन जाए*आचार्य विशुद्ध सागरजी महाराज

धर्म

जीवन ऐसा जियो की दृष्टान्त बन जाए*आचार्य विशुद्ध सागरजी महाराज
बड़‌वाह।

जो अपना घर बनाता है, उसका तो एक ही घर होता है, जो लोगों के घर बनाता है उसके सभी घर अपने होते हैं। जीवन में किसी भी व्यक्ति का अपमान मत करो ध्यान रखो वह भविष्य का भगवान बनने वाला है। भरी गर्मी में जहाँ जमीन तप रही है, गर्म हवा बह रही है लेकिन दिगम्बर साधु अपने मुँह से उफ तक नहीं निकालते, यही दिगम्बर धर्म है, इसका पालन करने वाले मनीषी धरती के देवता यहाँ बैठे है, जिन्होंने अपने जीवन को दृष्टान्त बना लिया है। राम ने, रावण ने जीवन जीया हमने उन्हें नहीं देखा, हम भी नहीं रहेगें। आपको अभी भी राम का जीवन अच्छा लगता है,रावण का जीवन अच्छा नहीं लगता,प्रत्येक मां अपने बेटे में राम का आदर्श देखना चाहती हैं,इसलिए जीवन ऐसा जियो कि हम रहे या न रहे जीवन दृष्टान्त बन जाए।

 

 

उक्त उद्‌बोधन चर्चा शिरोमणि , अध्यात्म योगी, शताब्दी देशनाकार, आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज ने बड़‌वाह प्रवास के अवसर पर प्रेम टेक्सटाइल परिसर में दिया। विशाल जनसमूह को सम्बोधित करते हुए आचार्यश्री ने मार्गदर्शन देते हुए कहा कि जीवन में बोलने से ज्यादा मुस्कुराना महत्वपूर्ण है, घर पर चौक बनाकर चौका लगाना आसान है, वनखंड में चर्या कराना बहुत कठिन होता है।

*मनीष सपना गोधा का पुण्य सबको लाभप्रद*

पुण्य की प्रशंसा करके पुण्य का बंध करें, पुण्य का अहंकार नहीं करना चाहिये। सपना मनीष गोधा ने ऐसा पुण्य किया कि आज इन्दौर की गली-गली में दिगम्बर साधु दिखाई दे रहे है। इन्दौर जैन समाज का यह पुण्य है कि वह मौन होकर अपना काम कर रही है। जीवन में जो हाथ किसी को गिराता है तो वही हाथ किस को उठा भी सकता है, जो हाथ किसी को उठाते हैं वे प्रशंसनीय होते हैं। उल्लेखनीय है कि इन्दौर नगर के श्रावक श्रेष्ठी सपना मनीष गोधा ने इन्दौर के सुमति धाम में भव्य मंदिर बनाया और 2024 में भव्यातिभव्य पंच कल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव सम्पन्न कराया जो एक अद्‌भुद आयोजन था। वर्ष 2025 गणाचार्य विरागसागर महाराज की आकस्मिक समाधि के बाद गणाचार्य विराग सागर जी महाराज के अंतिम आदेश से पट्टाचार्य आचार्य व बने चर्चा शिरोमणि विशुद्ध सागर जी महाराज का पट्‌टाचार्य महा महोत्सव का आयोजन 27 अप्रैल से 2 मई 2025 तक आयोजित कर रहे है। 

*400 से अधिक संतों का समागम*

इन्दौर के इतिहास में पहली बार 400 से अधिक संत जो दिगम्बर परम्परा में आचार्य, उपाध्याय गणधर , प्रवर्तक, मुनि, आर्यिका गणिनी, ऐलक, क्षुल्लक महाराज के रूप में मोर पिच्छिका धारण करते है, वे 24 घण्टे में एक ही बार आहार पानी ग्रहण करते है, ऐसे संत एक साथ कभी इन्दौर आए हो ऐसा ज्ञात इतिहास में नही हुआ है, वे पट्टाचार्य महोत्सव के लिए सुमति धाम गोधा एस्टेट इन्दोरपधार रहे हैं ।


*सौ से अधिक वाहनों से आया सुमतिनाथ गुरुभक्त परिवार*


चर्या शिरोमणि आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज को सुमतिधाम इंदौर में पधारने हेतु हजारों की संख्या में श्रद्धालु आज सपना- मनीष गोधा के साथ बड़‌वाह पहुँचे, जहाँ उन्होंने श्रीफल समर्पित कर सुमति धाम इंदौर पधारने का निवेदन किया।
इस अवसर पर बड़‌वाह विधायक सचिन बिरला,पूर्व विधायक हितेन्द्र सिंह सोलंकी ,नपाध्यक्ष राकेश गुप्ता, उद्योगपति सुभाष सामरिया, इन्दोर जैन समाज के सपना-मनीष गोधा, राजकुमार पाटोदी, भरत मोदी, सुशील पाड्‌या राजेन्द्र सोनी आशीष चौधरी , राजेन्द्र जैन महावीर सनावद,सौरभ पाटोदी ,नकुल पाटोदी, प्रभादेवी गोधा, बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

    संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

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