सम्यक ज्ञान मनुष्य को मोक्ष मार्ग की ओर बढ़ाता है आचार्य विनिश्चय: सागर महाराज
करनाल
श्री दिगंबर जैन सोसाइटी करनाल की ओर से आयोजित पंच कल्याण महोत्सव की बेला में आचार्य श्री 108 विनिश्चय सागर महाराज ने बताया कि लौकिक ज्ञान व सम्यक ज्ञान दो प्रकार के होते हैं। लौकिक ज्ञान हमें अपनी आजीविका अर्जन करना, परिवार के पालन के लिए सामग्री जुटाना व परोपकार के कार्य करना सिखाता है, जबकि सम्यक ज्ञान वस्तु व आत्मा के स्वरूप को जानते हुए समीचीन व मोक्ष मार्ग की ओर बढ़ाता है।
लौकिक ज्ञान से मानव धन, संपदा, पद, यश, आयु बहुत कुछ पा जाता है, लेकिन सब कुछ मिल जाने पर भी शांति नहीं मिलती। हमारे पूर्व पुण्य के उदय से अर्जित धन संपदा को अज्ञानी जन पाप कर्म करके नष्ट कर देता है।




भट्टारक अकलंक स्वामी भी इस आयोजन में पहुंचे
इस भव्य आयोजन में भट्टारक अकलंक स्वामी भी आए भट्टारक अकलंक स्वामी ने बताया कि इस पंचकल्याणक में बहुत से रहस्य छिपे हैं, जिनको समझकर व्यक्ति, समाज व परिवार अपने कष्टों से बाहर निकलकर सुख प्राप्त कर सकता है।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी
