स्कूल में बच्चों को सिर्फ नौकरी के लिए तैयार करना गलत है उन्हें व्यापार में भी दक्ष बनाएं पुलक सागर जी
साबला
परम पूज्य क्रांतिकारी संत आचार्य श्री पुलक सागर जी महाराज जी ने वर्तमान स्कूल शिक्षा एवं वर्तमान की दशा पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि आज के समय स्कूल केवल नौकरी के लिए पढ़ा रहे हैं। बच्चो को गणित के सूत्र रटाए जा रहे हैं, जो जीवन में काम नहीं आते हैं। ऐसे स्कूलों को बंद कर, संस्कार देने वाले विद्यालय खोले जाने चाहिए।
आचार्य श्री ने जोर देते हुए कहा कि आज की शिक्षा बच्चों को प्रतियोगिता की दौड़ में धकेल रही है। 99% लाने की होड़ में बच्चे इंसान बनना भूल रहे हैं। माता-पिता को खुद त्याग और सदाचार का आदर्श बनना होगा। झांसी की रानी, लाल बहादुर शास्त्री, अब्दुल कलाम का उदाहरण देते हुए बताया कि यह लोग अभाव में पले, लेकिन संस्कारों से महान बने।
बेटियों को कराटे सिखाए, आत्मरक्षा और आत्मनिर्भरता की शिक्षा दें संस्कार विहीन स्कूलों में बच्चों को पढ़ाकर सिर्फ नौकरी के लिए तैयार करना गलत है। बच्चों को व्यापार में दक्ष बनाएं।

व्यापार से पूरा परिवार समृद्ध होता है और दूसरों को रोजगार मिलता है।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312


