आचार्य श्री समय सागर महाराज के कर कमलो से प्रथम बार होगी कुंडलपुर तीर्थ में दीक्षाएं
कुंडलपुर
बाबा आदिनाथ का अलौकिक दिव्य तीर्थ है सिद्ध क्षेत्र कुंडलपुर है। जो विश्व की एक अनुपम धरोहर के रूप में है। आचार्य गुरु विद्यासागर महाराज के द्वारा भी यह तीर्थ के कायाकल्प में अपनी प्रेरणा मार्गदर्शन प्रदान किया। यह वह तीर्थ है जहां आचार्य श्री समय सागर महाराज को आचार्य पद पर आसीन किया गया था।
अब गुड़ी परवा पर रविवार 30 मार्च को आचार्य श्री 108 समय सागर महाराज के कर कमलों सेतीर्थ पर प्रथम बार, प्रातःकालीन शुभ बेला में, 7:30 बजे जैनेश्वरी दीक्षाएं सिद्धक्षेत्र कुंडलपुर में प्रदान की जा रही है।
2022 में आचार्य गुरुवर विद्यासागर महाराज द्वारा दीक्षाएं प्रदान की गई थी उसके बाद कुंडलपुर में 3 वर्ष बाद यह अवसर आ रहा है जब आचार्य श्री समय सागर महाराज स्वयं अपने कर कमलों से प्रथम बार दीक्षा प्रदान करेंगे।


आचार्य श्री समय सागर महाराज का चातुर्मास वर्ष 2024 का स्वर्णोदय तीर्थ खजुराहो में संपन्न हुआ था। वर्षा योग के समय एवं प्रवास के समय में सतना नगर के कही ब्रह्मचारी भईया ने आचार्य श्री जी से 7 प्रतिमा की व्रत ग्रहण किए थे।

संभावना व्यक्त की जा रही है कि इन्हीं ब्रह्मचारी भया की दीक्षाए कुंडलपुर तीर्थ में हो। कितनी दीक्षाए होगी यह भविष्य के गर्भ में है।
संकलित जानकारी के साथ अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट 9929747312
