*आचार्य श्री विशुद्धसागर जी का मंगल विहार: खरगोन से सिद्धक्षेत्र सिद्धवरकूट होते हुए इंदौर की ओर*
खरगोन: आचार्य श्री विशुद्धसागर जी महाराज का मंगल विहार जालना (महाराष्ट्र) से मध्य प्रदेश की ओर हो रहा है। वे खरगोन वेदी प्रतिष्ठा महोत्सव में भाग लेने के उपरांत सिद्धक्षेत्र सिद्धवरकूट की ओर प्रस्थान करेंगे, जिसके बाद उनका विहार इंदौर के लिए निर्धारित है। इस आध्यात्मिक यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग लेकर पुण्य अर्जित कर रहे हैं। श्रीमती नेहा अरिहंत जैन, खरगोन , अजय शाह, दीपक जैन और डेविड जैन से प्राप्त समाचार के अनुसार, आचार्य श्री विशुद्धसागर जी महाराज के शिष्य, मुनि श्री सिद्धसागर जी ने बताया कि जैन मुनि भीषण गर्मी में भी अहिंसा के सिद्धांतों का पालन करते हुए पद विहार करते हैं। वे तपती दोपहरी में भी नंगे पैर लंबी यात्राएं करते हैं और परिग्रह त्याग का जीवन जीते हैं। मुनि श्री सिद्धसागर जी ने आचार्य श्री विमलसागर जी के आशीर्वाद का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके गुरु ने भविष्यवाणी की थी कि विशुद्धसागर जी जैन जगत में सूर्य के समान प्रकाशित होंगे, और यह आशीर्वाद आज फलीभूत होता दिख रहा है।
*विहार का मार्ग एवं कार्यक्रम:*
* आचार्य श्री विशुद्धसागर जी 14 से 16 अप्रैल तक खरगोन में आयोजित वेदी प्रतिष्ठा महोत्सव में भाग लेंगे।
* खरगोन वेदी प्रतिष्ठा महोत्सव समिति के सदस्य महाराष्ट्र-मध्य प्रदेश सीमा पर आचार्य श्री का स्वागत करेंगे।
* इसके बाद, उनका विहार सिद्धक्षेत्र सिद्धवरकूट और फिर इंदौर की ओर होगा।
*विहार का महत्व:*
यह विहार जैन समुदाय के लिए एक महत्वपूर्ण आध्यात्मिक यात्रा के समान है। जिसमें आचार्य श्री विशुद्धसागर जी महाराज के संपर्क में आकर हजारों श्रद्धालु धर्म और अध्यात्म के मार्ग पर चलकर आत्मकल्याण कर रहे है। आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी के वैराग्यमयी जीवन से प्रेरित होकर अनेकों छोटे छोटे श्रावकों ने आजीवन ब्रह्मचर्यव्रत लेकर जैनेश्वरी मुनि दीक्षा अंगीकार कर ली है।
उनके पट्टाभिषेक समारोह में गणआचार्य विरागसागर जी से दीक्षित समस्त सैकड़ों साधु साध्वियों के इन्दौर पहुंचने की सूचना मिली है।
जिसके लिए सुमतीधाम में तैयारियां जोर शोर से चल रही हैं।
अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट 9929747312

