जीवन में कभी अहंकार मत करना विश्वरत्न सागर महाराज
रामगंजमंडी
रामगंजमंडी विगत तीन दिनों में श्री आदिनाथ जैन श्वेतांबर मंदिर में पूज्य मुनि श्री विश्वरत्न सागर महाराज के सानिध्य में धर्म की गंगा बही सभी ने भक्ति उल्लास एवं श्रद्धा के साथ धर्म लाभ प्राप्त किया।
पूज्य गुरुदेव का 24 मार्च 2025 की बेला में जब नगर आगमन हुआ तो मानो लगा कि सम्पूर्ण रामगंजमंडी नगर उमड़ पड़ा हो। उनकी अगवानी में हर वर्ग हर समाज उत्साह के साथ सम्मिलित रहा एव आचार्य भगवन की अभूतपूर्व अगवानी की।
आचार्य श्री ने मंगलवार की रात्रि बेला में एवं बुधवार की अपने मंगल प्रवचन में अहंकार नहीं करने की बात करते हुए कहा कि मनुष्य जन्म हमें मिला है, यह बहुत दुर्लभ है! हमने पूर्व जन्म मे कोई अच्छे पुण्य किए इसलिए हमें मनुष्य जन्म मिला है! इसलिए हमें इसे अच्छे कार्य, धर्म, जिनवाणी श्रवण, गुरु भगवंत की सेवा, सामाजिक कार्यों मे योगदान करना चाहिये! हमें अगर कोई अच्छा कार्य करता हो तो उसे अंतराय नहीं देना चाहिए! हमें अहंकार का भाव नहीं लाना चाहिए! 
आचार्य श्री ने कहा की चार दिन की जिंदगानी है खाली हाथ आये थे खाली हाथ जायेंगे इसलिए मनुष्य जन्म मिला है इसे हमें पुण्य कार्यों मे लगाना चाहिए! उन्होंने कहा कि हमें प्रसन्नता देने का काम केवल परमात्मा कर सकते हैं। जो कुछ भी आपको मिला है उसे परमात्मा का आशीर्वाद मानना। इस दुनिया में तेरे होने या ना होने से दुनिया नहीं रुकेगी। जब दुनिया छोड़ देंगे कोई याद नहीं करने वाला। यह समय है दुनिया में कोई सिकंदर नहीं रहा व्यक्ति अपने आप को सिकंदर मान रहा है। दुनिया में कभी घमंड मत करना। जो कुछ भी तुम्हें मिला है उसे मनिजनों का आशीर्वाद एवं उनकी कृपा को मानना।
आचार्य श्री ने कहा जिसने आपके लिए कुछ किया है उसका अहसान मानना। इंसान अपने भीतर जाकर नहीं देखता। उसे दूसरों की ही गलती नजर आती है। यह योग संयोग है जिस दिन तुम दुनिया छोड़ दोगे आप संसार से जिस दिन विदा हो जाओगे
आपकी कहानी वहीं समाप्त हो जाएगी दुनिया में कोई किसी का नहीं है। तेरा किया हुआ धर्म आराधना जरूर काम आएगी। सच्ची श्रद्धा से किया गया नमन धर्म समर्पण अनंत अनंत जन्मों के पापों को मिटाने वाला होता है। जीव जिस दिन संसार में आता है खाली हाथ आता है और जब जाता है खाली हाथ जाता है जो कर्म उसने किए हैं वह साथ लेकर जाता है।

उन्होंने प्रश्न करते हुए सभी से कहा कि जिंदगानी में अपने हासिल क्या किया प्राप्त क्या किया क्या मिला लेकिन हमनेधर्म किया है कि नहीं यह हमने नहीं सोचा। घर मकान से आपका कोई लेना देना नहीं होता जब दुनिया को छोड़कर चले जाएंगे। जीव अकेला यहां आया है अकेला चला जाएगा लेकिन जब जाता है तो अपने किए हुए कर्म साथ लेकर जाता है। जिसे जीव अपना मान रहा है वह कुछ काम आने वाला नहीं है। जिंदगी में कभी घमंड मत करना आपको जो कुछ मिला है यह सब कुछ परमात्मा को समर्पित रखना।
मंगल विहार भवानीमंडी की ओर
बुधवार की संध्या बेला में
आचार्य श्री का भवानीमंडी की और विहार हुआ! आचार्य श्री की महाप्रभावशाली, महाचमत्कारी, महामांगलिक 30 मार्च को भवानीमंडी मे होने जा रही है!
अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट 9929747312

