राजस्थान जैन सभा जयपुर की शाखा निवाई का अध्यक्ष ज्ञानचंद सौगानी को बनाया गयाजीवन में सफलता प्राप्त करने एवं सुरक्षित बनने के लिए संगठन की आवश्यकता – सुभाष चन्द पांडया

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राजस्थान जैन सभा जयपुर की शाखा निवाई का अध्यक्ष ज्ञानचंद सौगानी को बनाया गयाजीवन में सफलता प्राप्त करने एवं सुरक्षित बनने के लिए संगठन की आवश्यकता – सुभाष चन्द पांडया

निवाई –

जैन समाज निवाई की सभी धार्मिक संस्थाओं के पदाधिकारियों द्वारा राजस्थान जैन सभा, जयपुर के यशस्वी अध्यक्ष सुभाष चन्द पांडया एवं अपनी टीम के सदस्य उपाध्यक्ष विनोद जैन कोटखावदा, कार्यकारिणी सदस्य अशोक जैन नेता एवं चेतन जैन निमोडि़या का निवाई अल्प प्रवास पर निवाई समाज सदस्यों द्वारा माला एवं साफा पहनाकर राजस्थानी परम्परा अनुसार स्वागत किया गया।

 

जैन समाज के प्रवक्ता विमल जौंला एवं राकेश संधी ने बताया कि टोंक रोड स्थित वेयरहाउस जोन बसंत विहार कालोनी पहुंचने पर राजस्थान जैन सभा जयपुर के अध्यक्ष सुभाष चन्द पांडया एवं उनकी टीम का ढोल नगाड़ों के बीच स्वागत किया। इसके बाद आवश्यक मीटिंग आयोजित की गई जिसमें तीन बार णमोकार महामंत्र का सामूहिक उच्चारण के बाद विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई। चर्चा के दौरान राजस्थान जैन सभा की निवाई में शाखा खोली गई।
शाखा खोलने का उद्देश्य जैन समाज की समस्या एवं कुरुतियों को एक बड़े संगठन के माध्यम से सशक्त समाधान किया जा सके। इस दौरान उपस्थित सभी की सर्व सम्मति से राजस्थान जैन सभा शाखा निवाई के ज्ञानचंद सोगानी को अध्यक्ष बनाया गया। जौंला ने बताया कि आगामी महावीर जयंती महोत्सव के उपलक्ष्य में पूरे प्रदेश में राजस्थान जैन सभा जयपुर के तत्वावधान में लगाये जा रहे 51 रक्तदान शिविरों के अन्तर्गत निवाई में भी रक्तदान शिविर का आयोजन किये जाने का निर्णय लिया गया। जिसके संयोजक नवरत्न टोंग्या, शिखरचंद काला, महावीर प्रसाद पराणा, अशोक बिलाला विमल सोगानी, मोहित चंवरिया, विष्णु बोहरा, त्रिलोक रजवास, त्रिलोक सिरस, राजेन्द्र सेदरिया, संजय सोगानी एवं विनोद जैन को बनाया गया। इस अवसर पर मिटिंग में राजस्थान जैन सभा जयपुर के अध्यक्ष सुभाष चन्द पांडया ने संबोधित करते हुए कहा कि हमें अपने जीवन में सफलता प्राप्त करने बहुमुखी व्यक्तित्व का विकास करने एवं परिवार समाज राष्ट्र एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर सुरक्षित बनने के लिए संगठन की परम आवश्यकता है। उन्होंने एक दिवसीय निवाई आगमन के दौरान कहा कि समाज में देश में कई विचार धारा के व्यक्ति पाये जाते हैं कुछ तो अपने स्वार्थों को तिलांजलि देकर देश व समाज के हित में मर मिटने को तैयार रहते हैं धर्म और धर्मात्माओं के प्रति समर्पित होते हैं। इसके विपरित कुछ ऐसे भी होते हैं जो अपने निजी स्वार्थों के खातिर धर्म को भी कलंकित करने से नहीं चूकते। सभा के उपाध्यक्ष विनोद जैन कोटखावदा एवं चेतन निमोडि़या ने राजस्थान जैन सभा के उद्देश्यों एवं कार्यों से अवगत करवाया। तथा उपस्थित सभी को जैन सभा से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। सभा के कार्यकारिणी सदस्य अशोक जैन नेता ने कहा कि धर्म तो आदिनाथ भगवान के जन्म से चला आ रहा है हम सभी को आदिनाथ से लेकर भगवान महावीर के पद चिन्हों पर चलने का संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने भगवान महावीर के सत्य, संगठन व सदाचार को सम्पूर्ण विश्व में पहुंचाने के लिए समाज के युवा वर्ग को संगठित करने का बीड़ा उठाया है। उन्होंने कहा कि धर्म एवं कर्म दोनों ही क्षेत्रों में समूचे विश्व का नैतिक समाज एक वात्सल्य के सूत्र में बंधकर सत्य अहिंसा मय वीतराग धर्म के केसरिया ध्वज को तीनों लोकों में फहराते हुए आत्म गुणों को संगठित करें।
मंच संचालन विनोद जैन कोटखावदा ने किया।
अन्त में धन्यवाद के साथ मीटिंग का समापन हुआ।

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