संसार में रहकर व्यक्ति हर पल भयभीत रहता है सुव्रतसागर महाराज
पिपरई
मुनि श्री 108 सुव्रतसागर महाराज ने मंगल प्रवचन देते हुए कहा कि इस संसार में क्या क्या प्राप्त करने योग्य है ये जानना बहुत जरूरी है जव तक आप जानेंगे नहीं तब तक समझ कैसे सकते हैं बचपन में आपका मन खेल खिलौने में लगता है बाल अवस्था में मित्रों के साथ रम जाते हैं युवा अवस्था विषय भोगों में कब निकल जाती है पता ही नहीं चलता। प्रौढ़ अवस्था के समय का भी आपने सही उपयोग कर लिया तो जीवन में कुछ उपलब्धी हासिल कर सकते हैं। हमे विचार करना है कि अन्य जनों के हृदय में हमारी छवि एक व्यक्ति की बनी रहें।
ये हम जब सोचते हैं जब हम प्रौढ़ अवस्था को प्राप्त हो जाते हैं।

महाराज श्री ने कहा संसार में रहकर भी आदमी प्रति पल भयभीत रहता है भयभीत व्यक्ति कुछ ना कुछ हर पल पानें के लिए भागता रहता है कभी जाप करेगा भगवान की पूजा स्तूति करते रहेगा वो पाठ कर रहा है तुम्हारी धार्मिकता किसको सुख दुख दे रहीं हैं सभी तुम्हारे लिए इससे किसी को कुछ भी मिलने वाला नहीं है जो भी मिलेगा तुम्हारे लिए ही मिलने वाला है। फिर हम किसी भी व्यक्ति के हृदय में विजय प्राप्त कर पायेंगे।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
