मुनिश्री निष्पक्ष सागर महाराज ने पौधारोपण करने पर बल दिया जीवन में जल का स्तोत्र बढाना है तो पौधा लगाना बहुत जरूरी है महाराज श्री-
सोनकच्छ
जंगल और सृष्टि में कुछ भी अनुपयोगी नहीं होता। बस सही उपयोग आना चाहिए। स्वच्छ भारत विचारों के साथ विचारों की शुद्धता भी जरूरी है। जल का भी संरक्षण होना चाहिए। इंसान में प्राण मानते हैं, लेकिन वनस्पति में नहीं। और विज्ञान भी इसे नहीं मानता। तो क्या विज्ञान राम,कृष्ण, और महावीर से बड़ा हैं? विज्ञान को खुद पर भरोसा नहीं है।
जीवन में जल का स्तोत्र बढाना है तो पेड़ लगाना बहुत जरूरी हैं। एक पेड़ सो पुत्र के बराबर के होता है। यह बात शिशु कुंज स्कूल द्वारा आयोजित पौधारोपण कार्यक्रम में मुनिश्री निष्पक्ष सागर महाराज ने कही। वृक्षारोपण में जोर देते हुए महाराज श्री ने कहा एक पेड़ कटे तो दो पौधे लगाए। और दो कटे तो 10 लगाए। स्कूली शिक्षा में बच्चों के मन में पेड़ पौधों के प्रति संवेदनशीलता का पाठ होना चाहिए।
महाराज श्री ने कड़ी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि पेड़ लगाते हैं लेकिन इनका पालन पोषण नहीं कर पाते।
एक पेड़ भी जीवन का महत्वपूर्ण अभिन्न अंग है। इसका पोषण बच्चों की तरह होना चाहिए।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312



