अहम और वहम से रहो दूर :-गणिनी आर्यिका विज्ञाश्री माताजी
जयपुर
प. पू. भारत गौरव श्रमणी गणिनी आर्यिका 105 गुरुमाँ विज्ञाश्री माताजी ससंघ श्री दिगम्बर जैन मंदिर पार्श्वनाथ जी सोनियान खवास जी का रास्ता जयपुर में विराजमान है। प्रातःकालीन बेला में आर्यिका संघ सहित भक्तों ने श्री पद्मप्रभ जिनालय, अठारह महाराज का श्री आदिनाथ जिनालय एवं गुरु भक्त पंकज जैन बैग वालों का गृह चैत्यालय के दर्शनों का लाभ प्राप्त किया। अभिषेक, शांतिधारा के पश्चात् भक्ति-पूजन करायी गयी।
प्रवचन सभा में उपस्थित श्रावकों को धर्मोपदेश देते हुए माताजी ने कहा कि – अहं की बला व्यक्ति को अर्हं बनने की कला से दूर करती है और वहम की गंध जीवन दुर्गंधमयी बना देती है । क्योंकि अहं रूपी अरि को जीतकर ही एक जीव अर्हम बनता है और वहम की दुर्गंध को दूर कर अपने जीवन को संयममयी सुगंध से भर सकते हैं।

आगामी सामूहिक तीन संघों के सान्निध्य में महावीर जयंती का उत्सव मनाया जावेगा। इसी को लेकर जयपुर जैन समाज में काफी तैयारियां चल रही है। 21 अप्रैल, 2024 रविवार को रामलीला मैदान से जुलुस शुरू होगा ।
अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट 9929747312
