छोड़ो रीत गुलामी वाली जिव्हा में अमृत घोलो, इंडिया नहीं——- भारत बोलोरात्रि के तीसरे प्रहर तक चले कवि सम्मेलन में खूब लगे ठहाके व भक्ति में झूम उठे श्रोता

धर्म

छोड़ो रीत गुलामी वाली जिव्हा में अमृत घोलो, इंडिया नहीं——- भारत बोलोरात्रि के तीसरे प्रहर तक चले कवि सम्मेलन में खूब लगे ठहाके व भक्ति में झूम उठे श्रोता
जुरहरा
जुरहरा की पावन धरा पर नवनिर्मित नेमीश्वर धाम पर जैनाचार्य वसुनंदी महाराज ससंघ सानिध्य में चल रहे जैन समाज के दिव्य पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव के दौरान तप कल्याणक पर रात्रि के तीसरे प्रहर तक अयोध्या नगरी में चले कवि सम्मेलन में श्रोताओं ने खूब ठहाके लगाए तो वही भक्ति से झूम उठे।

 

 

पंचकल्याणक समिति के अनुसार तीसरी दिवस रात्रि को विराट कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया तो कवि सम्मेलन का प्रारंभ स्टार कवित्री अनामिका जैन की जिनवाणी वंदना के साथ हुआ। प्रथम आहुति देते हुए डीके जैन मित्तल ने कहा जो रखते धर्म को ऊंचा उन्हीं का मान होता है। जैसे ही हास्य के फनकार विनोद पाल दिल्ली काव्य पाठ करने आए तो संपूर्ण वातावरण ठहाकों से गूंज उठा। उन्होंने कहा कि खुद अपने चारित्र पर ही मूंग दल रहे हो तुम, अच्छे हो तो क्यों फितरत बदल रहे हो तुम। माहौल को परिवर्तित करते हुए डॉक्टर कवि कमलेश बसंत ने गुरु वंदना करते हुए कम है कमजोर नहीं रचना सुनाई तो उन्होंने कहा छोड़ो रीत गुलामी वाली जिव्हा में अमृत घोलो, इंडिया नहीं——- भारत बोलो
गाजियाबाद की कवित्री मुस्कान शर्मा माधुरी ने कहा कि गुरु से ज्ञान पाने आए खुद भगवान दुनिया में प्रथम वंदन करें गुरु को तो जीवन धन्य हो जाता।कवि सम्मेलन का संचालन कर रहे सौरभ जैन सुमन मेरठ ने वीर रस के साथ रात्रि में सभी के हृदय में ओज की ज्वाला प्रज्ज्वलित करते हुए कहा राष्ट्रभक्ति के प्रश्नों से तुम नाम भले हटवा देना, मेरे जिस्म के टुकड़े चीलो कौवा को बटवा देना उन्होंने हाडा रानी का विवरण प्रस्तुत करते हुए कहा कि राजस्थान से बड़ा विरो का कोई प्रदेश नही हो सकता है।

स्टार कवित्री अनामिका जैन के आते ही माहौल भक्ति में रंगने लगा उन्होंने कहा “झेलम रावि या सतलज सब में नीर हमारा है तरकश बेशक तेरा हो पर हर एक तीर हमारा है। राम भक्त ही राज करेगा दिल्ली के सिंहासन पर भजन सुना कर उपस्थित सभी श्रोताओं को झूमने पर मजबूर कर दिया

 

 

। उन्होंने कहा कि पूरे देश में प्रथम तीर्थंकर ऋषभदेव के जन्म कल्याणक पर राष्ट्रीय अवकाश सरकारों को घोषित करना चाहिए।

 

इस अवसर पर पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव समिति द्वारा सभी कवियों का स्वागत वंदन किया गया तो वहीं जुरहरा वासियों का आभार भी प्रकट किया।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

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