सिद्ध चक्र महामंडल विधान का क्या महत्व अतिशय क्षेत्र सीपुर में प्रथम बार होने जा रहा है 244 दिवसीय सिद्ध चक्र महामंडल विधान
सीपुर
सिद्धचक्र महामंडल विधान अपने आप में एक बहुत बड़ा अनुष्ठान होता है। जिसमें सिद्धों की आराधना की जाती है।
इसका प्रत्यक्ष उदाहरण मैना सुंदरी और श्रीपाल की कथा से लग जाता है। जब राजा श्रीपाल को कोढ़ जैसा रोग ग्रसित कर देता हैं। तब मैना सुंदरी ने जैन धर्म पर श्रद्धा रखते हुए 8 दिन का महामंडल विधान करवाया और धर्म पर श्रद्धा रखी हैं। दुख से न घबराओ ना ही मेरे साथी यह जीवन में मानव का श्रृंगार है दृढ़ता के साथ महामंडल विधान किया और उसके प्रभाव से रुग्णता समाप्त हो गई।
इसी भावना को लेकर और पुण्य प्राप्ति एवं कर्मों की निर्जरा करने के लिए अतिशय क्षेत्र पर 244 दिवसीय महामंडल विधान अविरल रूप से होने जा रहा है। जिसमें न्यौच्छावर राशि ₹2100 मात्र की राशि देखकर आप भी पुण्य अर्जन कर सकते हैं।
महत्व
क्या महत्व है महामंडल विधान का आओ हम जाने सिद्धचक्र विधान करने से आध्यात्मिक शांति मिलती है, आत्मबल बढ़ता है, और जीवन में सकारात्मकता आती है. सिद्धचक्र विधान करने से मनोरथ पूरे होते हैं और जीवन के चक्रों से मुक्ति मिलती है. सिद्धचक्र विधान करने से आत्मज्ञान और मोक्ष की दिशा में मार्गदर्शन मिलता है।
सिद्धचक्र विधान से जुड़ी खास बातें:

सिद्धचक्र विधान में सिद्धों का गुणानुवाद किया जाता है. सिद्धचक्र विधान में अनेक प्रकार के मंत्र और बीजाक्षरों की स्थापना की जाती है.
सिद्धचक्र विधान में सिद्ध भगवान की पूजा की जाती है.
सिद्धचक्र विधान में समस्त सिद्ध समूह की आराधना की जाती है.
सिद्धचक्र विधान में जीवन के चक्रों से मुक्ति मिलती है.
सिद्धचक्र विधान में आत्मज्ञान और मोक्ष की दिशा में मार्गदर्शन मिलता है.
सिद्धचक्र विधान में आध्यात्मिक शांति मिलती है.
सिद्धचक्र विधान में आत्मबल बढ़ता है। इसके लिए एक भजन है जो उसकी सार्थकता सिद्ध करता है श्री सिद्ध चक्र का पाठ करो प्राणी फल मैना रानी मैना सुंदरी एक रानी थी कौड़ी पति दुखियारी थी नही पड़े चैन रैन दिन व्याधित अकुलानी फल पायो मैना रानी
आओ हम भी इस पुण्य कार्य में सहभागी बन कर्म निर्जरा करे।
अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी
