आर्यिका 105 स्वर्णमति माताजी की संलेखनापूर्वक समाधि
धरियावद
परम पूज्य मुनि श्री 108पुण्य सागर जी महाराज की परम शिष्या आर्यिका 105श्री स्वर्णमति माताजी का आज 15 फरवरी को समाधिमरण गुरु चरणों में धरियावद में हो गया है। उनकी 15 फरवरी को रात्रि में पर गुरु चरणों में चंद्र प्रभु दिगंबर जैन मंदिर में संलेखना पूर्वक समाधि हुई। इनकी विमान डोला यात्रा 16 फरवरी सुबह 8:30 बजे निकलेगी 
परिचय दीक्षा से पूर्व इनका नाम श्रीमती सुनीता छाबड़ा था इनका जन्म डिब्रूगढ़ असम में हुआ।इनकी आर्यिका दीक्षा 2 जुलाई 2023 को मुनि श्री 108 पुण्यसागर जी महाराज के कर कमलो से सिद्ध क्षेत्र सोनागिर मध्यप्रदेश में हुई।यह श्रीमती रतनी देवी देवीलाल पटौदी की बगिया की अनमोल मोती थी। इनका जन्म 10 दिसंबर संवत 2049 को हुआ इनका विवाह रतन लाल छाबड़ा से हुआ गृहस्थ अवस्था में इनके दो पुत्र एक पुत्री हैं।राजेश पंचोलिया इंदौर से प्राप्त जानकारी केसाथ अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
