आचार्य श्री विद्यासागर महाराज महाराज ने धर्म हेतु सर्वोतोभद्र स्वास्थ्य हेतु भाग्योदय चिकित्सालय दिया योगसागर महाराज

धर्म

आचार्य श्री विद्यासागर महाराज महाराज ने धर्म हेतु सर्वोतोभद्र स्वास्थ्य हेतु भाग्योदय चिकित्सालय दिया योगसागर महाराज
सागर
आचार्य श्री विद्यासागर महाराज की सोच बहुत बड़ी थी। उन्होंने सागर वालों के स्वास्थ्य लाभ के लिए भाग्योदय तीर्थ चिकित्सालय दिया तो धर्म करने हेतु सर्वोतोभद्र जिनालय के निर्माण का आशीर्वाद दिया।

 

 

जब तक हमारा शरीर स्वस्थ नहीं होगा तब तक हम धर्म ध्यान नहीं कर पाएगे भाग्योदय तीर्थ पर गुरुवार को मंगल उद्बोधन देते हुए निर्यापक श्रमण मुनि श्री 108 योगसागर महाराज ने कहा की, आत्मा को नरक कोन ले जाता है। अशांति के कारण हम समझ नहीं पाए। पुण्य उत्थान की ओर ले जाता है, पाप पतन की ओर ले जाता है। हमें ज्यादा हर्ष विचार नहीं करना चाहिए। क्योंकि यह सब आत्मा का परिणाम है।
धर्म सभा में पूज्य मुनि श्री 108 निरामय सागर जी महाराज ने कहा कि रत्नत्रय की प्राप्ति के लिए सागर के मोराजी में आचार्य श्री ने योग सागर जी महाराज को मुनि दीक्षा दी थी। दिगंबर ही मोक्ष मार्ग है बिना दिगंबर के मोक्ष मार्ग की प्राप्ति नहीं हो सकती है। वैसे भी कई मुनिराज और आर्यिकाओं के भाग्य का उदय हुआ है। आध्यात्म अंदर की वस्तु है बाहर प्रदर्शन की नहीं।

 

मोराजी का मतलब मेरा जीवन है।

महाराज श्री ने कहा आचार्य श्री द्वारा प्रथम बार नैनागिरी में आर्यिका दीक्षा दी थी और कहा था कि आप सब पुण्य आत्मा हो और मोक्ष मार्ग पर जा रहे हो। मोक्ष मार्गी हो।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

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