निर्यापक श्रमण मुनिश्री समता सागर महाराज का हुआ केशलोच
डोंगरगढ़
परम पूज्य आचार्य श्री 108 विद्यासागर महाराज से दीक्षित एवं परम पूज्य आचार्य श्री 108 समय सागर महाराज के आज्ञानुवर्ती शिष्य निर्यापक श्रमण मुनिश्री 108 समता सागर महाराज ने आचार्य श्री 108 विद्यासागर महाराज की समाधिस्थली चंद्रगिरी तीर्थ डोंगरगढ़ में अपने केशो का लोचन किया पूज्य महाराज श्री का आज उपवास रहा।
केशलोच की कठिन साधना जिनकी अजब निराली हैं
केशलोच करते किंचित उन्हें न कष्ट हुए यही साधना मुनिवर की तभी तो वे वैरागी हुए।
लोगों की अखियां झलक उठी लेकिन गुरुवर की छवि प्यारी है।

निर्ग्रन्थ गुरु की छवि चर्या का आप बखान भी न कर सकते।
इनकी महिमा न्यारी है।


केशलोच की कठिन साधना जिनकी अजब निराली हैं
अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट 9929747312
