आज गणतंत्र दिवस है सौभाग्य की बात हैं अपने आप को महावीर के तंत्र में लगा देना आर्यिका श्री सृष्टिभूषण माताजी
अशोकनगर
परम पूजनीय गणिनी आर्यिका सृष्टिभूषण माताजी सानिध्य में त्रिदिवसीयमहोत्सव कार्यक्रम का शुभारभ हुआ।
गणतंत्र दिवस की पावन बेला में सर्वप्रथम श्री जी का अभिषेक हुआ। इसके उपरांत राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया। इस अवसर पर विधानाचार्य मुकेश भया के निर्देशन में सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जिसमें देश भक्ति के साथ शिक्षाप्रद प्रस्तुति दी गई जो सभी का मन मोह गई।

इस अवसर पर गणिनी आर्यिका 105 श्री सृष्टिभूषण माताजी ने कहा आज गणतंत्र दिवस है सौभाग्य की बात हैं। लेकिन अपने आप को महावीर के तंत्र में लगा देना। क्योंकि सैनिक और शस्त्रों पर सरकार का 60 लाख रुपया प्रति घंटे खर्च होता हैं। उन्होंने कहा कार्य महावीर के तंत्रों पर हो जाता तो यह दुनिया बहुत सुंदर हो जाती हैं। क्योंकि सैनिक और शस्त्र सुधार करना चाहते हैं वो कभी नहीं हो सकता। उन्होंने कहा हमारे देश में गोपालन का केंद्र होना चाहिए। क्योंकि एक गाय आपको 17 लाख का सामान देती हैं लेकिन हम तो तत्काल चाहते है आज जो भी आपके पास पेट्रोल डीजल जूता चप्पल आदि सब विदेशी कंपनी की है। 
कड़ी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि हमारे यहां पहले दूध की नदियां बहती थी आज खून की नदियां बह रही हैं। सत्य अहिंसा की बात करते हैं, मंदिर में चावल चढ़ाकर समझते है हमारा तो मोक्ष पक्का हो गया। उन्होंने कहा कि आज की दशा ऐसी है कि हमारे एक नंबर का माइंड विदेश चला जाता हैं जब बच्चा अच्छा पढ़ जाता है तो कहां नौकरी मिलती है और बच्चा विदेश चला जाता है। अब भारत कहां से अच्छा होगा। हमारा एक नंबर का माल विदेश चला जाता है तो हम कंगाल नहीं होंगे तो क्या होंगे। पश्चिम की फूहड़ता में अपनी सभ्यता और संस्कृति को मतभूलना। और प्रकृति को मत बिगाड़ देना। 
उन्होंने कहा मैं नहीं कहूंगी कि हमें स्वतंत्रता मिली है हम विदेशों के चाकर बनकर रह गए हैं। सैनिकों के विषय में कहा कि वह सीमाओं पर जागते हैं इसलिए हम सोते हैं। आज गणतंत्र दिवस है बहुत सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि अगर तुम आत्म रंजन में लीन हो जाए तो गारंटी से कहती हूं कि तुम्हारी सारी बीमारियां दूर हो जाए। माता जी के प्रवचन से पूर्व संघस्थ आर्यिका श्री विश्वयश मति माताजी ने कहा कि यदि हम कर्तव्य परायणता के साथ कार्य करें तो हमारा देश नई ऊंचाइयों पर पहुंचेगा। और कहा कि आज हम यह संकल्प लेकर जाएं कि हमारे देश की जो प्रॉपर्टी है उसको हम कभी आघात नहीं पहुंचाएंगे। हमारे द्वारा उसका संरक्षण ही होगा। प्रॉपर्टी शब्द का अर्थ बताते हुए एक गीत सुनाया जहां डाल-डाल पर सोने की चिड़िया करती है बसेरा वह भारत देश है मेरा। आज भी हमारे देश के कण कण में सोना बसा हुआ है। और इस प्रॉपर्टी को आपको बचा कर रखना है संभाल कर रखना है। चंदनबाला, द्रौपदी, सीता, अंजना, मैना रूपी नारियों ,इनका शील सतीत्व हमारी प्रॉपर्टी है। हमारे देश की प्रॉपर्टी आपका चारित्र है इसको बचा कर रखना है। यह तुम्हारी जिम्मेदारी है। अपने चारित्र सभ्यता और संस्कृति को बचाए रखना यही हमारी प्रॉपर्टी है। बच्चे भी है संकल्प ले की जितनी भक्ति हमारी परमात्मा के प्रति है उतनी ही भक्ति हमारे देश के प्रति होगी।

हमारा देश के प्रति बहुमान और सम्मान होना चाहिए। दोपहर की बेला में माताजी सानिध्य में सरस्वती संस्कार संपन्न हुए जिनमें 8 वर्ष की उम्र से किशोर वय के बालक बालिकाओं पर आर्यिका श्री सृष्टि भूषण माताजी के निर्देशन में साधुओं ने संस्कार किए।



रात्रि को पाठ शाला के बच्चों ने मन मोहक कार्यक्रम प्रस्तुत किए
राजेश पंचोलिया इंदौर से प्राप्त जानकारी के साथ अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट 9929747312
