जीवन मे अंत भला तो सब भला -आचार्य प्रज्ञा सागर जी
कोटा
परम पूज्य पर्यावरण संरक्षक तपोभूमि प्रणेताआचार्य श्री108 प्रज्ञासागर जी महाराज तलवंडी में विराजमान है।आज की देशना में समाज जनो को उद्बोधन देते हुए आचार्य श्री ने कहा कि हम सभी संसार भर की चिंता जीवन भर करते है किंतु आत्मा के कल्याण की चिंता कभी नही करते। हमे स्वकल्याण का भाव करना ही होगा अन्यथा सब व्यर्थ है ओर कल्याण का संबंध संयम से ही है। इस जन्म में यह इच्छा जरूर होनी चाहिए कि इस भव में हम भी संयम अपनाकर दीक्षा ले भले ही अंत समय मे ही क्यों न, क्योकि अंत भला तो सब भला।
हमे यही भावना भानी चाहिए कि है प्रभु जो आपका अतीत था वह मेरा वर्तमान है और जो आपका वर्तमान है वह मेरा भविष्य बने।गुरुदेव ने कहा कि पूण्य की तिजोरी सदैव भरी रहनी चाहिए,,व्यर्थ के भोग उपभोग में अपने पूण्य को खर्च नही करना चाहिए।

मंत्री प्रकाश जैन व प्रचार मंत्री राजकुमार लुहाडिया ने जानकारी देते हुए बताया कि आज प्रातः काल गुरुदेव के मुख से भगवान की शांतिधारा कराई गई व सामूहिक रूप से गुरुदेव की पूजन की गई। आज की धर्म सभा मे श्रेष्ठी श्री मोहनलाल कैलाश यतीश खेड़ा वाला परिवार ने गुरु के समक्ष जिनवाणी विराजमान कर पाद प्रक्षाल करने का सौभाग्य प्राप्त किया। आज गुरुभक्त यतीश जी खेड़ा की वैवाहिक वर्षगाँठ के अवसर पर गुरुवर से सपरिवार आशीष प्राप्त किया।

आज धर्म सभा मे श्री राजमल पाटौदी,विमल जैन नांता,जे के

जैन,विमल वर्धमान,सुरेश चाँदवाड़, सुरेश हरसौरा सहित सेकड़ो श्रद्धालु उपस्थित रहे।
प्राप्त जानकारी के साथ अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट 9929747312
