उपराष्ट्रपति श्री जगदीप घनखड ने नवग्रह तीर्थ पंचकल्याणक प्रतिष्ठा में पहुंचकर संतों का लिया आशीर्वाद
वरुर
परम पूज्य आचार्य श्री 108 गुणधरनंदी जी महाराज की प्रेरणा मार्गदर्शन से निर्मित नवग्रह तीर्थ वरुर में 405 फीट ऊंचा सुमेरु पर्वत एवं भगवान पार्श्वनाथ की 51 फीट की प्रतिमा का निर्माण किया गया है जो विश्व की एक अनुपम कृति के रूप में है।
जिसका पंचकल्याणक महोत्सव 15 जनवरी से प्रारंभ हो गया है इसी क्रम में दिनांक 16 जनवरी को भारत सरकार के उपराष्ट्रपति श्री जगदीप धनखड़, कर्नाटक सरकार के राज्यपाल श्रीमान थावरचंद गहलोत, श्रीमान वीरेंद्र हेगड़े ने पहुंचकर समस्त साधु संत का आशीर्वाद लिया।
जब उपराष्ट्रपति महोदय ने एवं कर्नाटक सरकार के राज्यपाल महोदय ने आचार्य श्री 108 कुंथूसागर महाराज एवं आचार्य श्री 108 गुणधरनंदीजी महाराज सहित समस्त संतों का आशीर्वाद लिया तो सभी गदगद दिखाई दिए।

इस अवसर पर आचार्य श्री गुणधरनंदी जी महाराज ने समस्त अतिथियों को श्री कलीकुंड यंत्र का अवलोकन भी करवाया। समस्त अतिथियों ने इस तीर्थ की सराहना की। इस अवसर पर क्षेत्र कमेटी द्वारा समस्त अतिथियों का सम्मान किया गया।
सभी ने अपने विचार रखें और उपराष्ट्रपति महोदय श्रीमान जगदीप

धनखड़ ने कहा कि हमारे मत और हमारे मंदिर सिर्फ पूजा स्थल नहीं है वे सामाजिक परिवर्तन और समकालिक चुनौतियों से निपटने के लिए प्राचीन ज्ञान को अपनाने वाले जीवंत संस्थाएं हैं। उन्होंने जैन दर्शन के अहिंसा के सिद्धांत को भी सर्वोपरि बताया।
संदीप अचल कुमार साहूजी से प्राप्त जानकारी के साथ
अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट 9929747312
