धर्म बिना संसार में कुछ भी संभव नहीं है आदित्य सागर महाराज
सीहोर
शीतकालीन वाचना करते हुए सोमवार की बेला में मुनि श्री आदित्य सागर महाराज ने भगवान महावीर के जिन शासन में सभी जीवो के कल्याण का साधन है। हर जीव सम्मान की चाह रखता है। चाहता है कि लोग मेरी पूजा करें, लेकिन वह गुण नहीं होनेधर्म बिना संसार में कुछ भी संभव नहीं है आदित्य सागर महाराज के कारण व्यक्ति सम्मान नहीं मिलता। महाराज श्री ने उदाहरण देते हुए बताया कि 10 ग्राम सोना भी 80000 का, लोहे की गाड़ी भी 80000 की ऐसा क्या है, उस सोने में घनत्व है, सोने में अधिक चमक है, उसे सोने में कुछ ना कुछ तो तत्व अधिक है।
आप भी अगर सम्माननीय बनना चाहते है, वंदनीय बनना चाहते हैं, तो कुछ ना कुछ तत्व तो कर्म के साथ परोपकारी गुण होना चाहिए। उन्होंने कहा कि धर्म के बिना संसार में कुछ भी संभव नहीं है। धर्म बंधु है, धर्म मित्र है, अमृत है, साथ जाने वाला है। चाहे भगवान ऋषभदेव हो, चाहे भगवान श्री राम हो। हनुमान जी हो या चाहे भगवान महावीर स्वामी हो।सभी ने धर्म त्याग तपस्या करके परमात्मा का पद प्राप्त किया है।

उन्होंने कहा परमात्मा बनने का दूसरा रास्ता ना था ना है और ना

होगा। यह त्रिकालिक सत्य है। हमको भी धर्मात्मा बनकर आत्मा का कल्याण करना चाहिए।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
