अनेकों  कीर्तिमानों की नगरी पारसोला में विराजित आचार्य वर्धमान सागर जी की चरण वंदना आचार्य सुनील सागर जी ने की

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अनेकों  कीर्तिमानों की नगरी पारसोला में विराजित आचार्य वर्धमान सागर जी की चरण वंदना आचार्य सुनील सागर जी ने की

पारसोला में आचार्य श्री वर्धमान सागर जी एवम आचार्य श्री 108 सुनील सागर महाराज एक साथ पारसोला प्रथमाचार्य चक्रवर्ती श्री शांति सागर जी महाराज की पवित्र चरण रज से पवित्र नगरी पारसोला जो पहाड़ों से घिरी अनेक शिखरबंघ जिनालयों , साधुओं की जन्म नगरी, दीक्षाभूमि ,समाधि भूमि है। यहां पर विराजित  75 वर्षीय 56 वर्ष के संयमी जीवन में 36 वर्ष से आचार्य  113 भव्य आत्माओं को  दीक्षा प्रदाता पंचम पट्टाघीश  श्री वर्धमान सागर जी महाराज के दर्शन कर  बहू प्रतीक्षित चरण वंदना आचार्य श्री सुनील सागर जी महाराज ने अपने विशाल संघ सहित 27 दिसंबर को की। इस नयनाभिराम दृश्य कोदेखने के लिए हजारों भक्त बागड़ और मेवाड़ प्रांत से उपस्थित हुए। जयंतीलाल कोठारी अध्यक्ष दशा हूंमड समाज,ऋषभ पचौरी  अध्यक्ष वर्षायोगसमिति ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए दो बड़ी एलईडी लगाई गई जिससे सभी अच्छे से इस दृश्य को देखकर अपनी आंखों को जिज्ञासाओं को तृप्त कर सके। इसके पूर्व आचार्य श्री के संघस्थ  सभी मुनिराज आर्यिका माताजी हजारों श्रद्धालुओं के साथ अगवानी करने मुंगाना रोड पर गये। नगर के 40 से अधिक धार्मिक मंडलों के सदस्य निर्धारित वेशभूषा में शामिल हुए वहीं समाज जन पुरुष वर्ग श्वेत कपड़ों में तथा महिलाएं पीली गुलाबी साड़ी में उपस्थित रहे। बैंड  डीजे की  जैन भजनों सुमधुर ध्वनियों पर युवक, युवतियां नृत्य कर अपनी भक्ति प्रदर्शित कर रहे कर रहे संपूर्ण नभ आचार्य वर्धमान सागर जी आचार्य सुनील सागर जी के जय घोष से गूंजायमान हो रहा है।इस अवसर पर नगर को अनेकों स्वागत द्वारा बड़े-बड़े फ्लेक्सों से सजाया गया है दोनों आचार्य के बड़े-बड़े फोटो कट आउट लगे हुए हैं श्रद्धालुओं ने अपने घरों के सामने आचार्य सुनील सागर जी संघ की आरती की नगर के स्टेज बस  स्टैंड पर आचार्य सुनील सागर जी के चरण प्रक्षालन का सौभाग्य  मुनि भक्त जुगलपदम जी मकनावत परिवारको प्राप्त हुआ।आचार्य सुनील सागर जी ने संघ सहित नगर के जिनालयों के दर्शन कर सन्मति भवन में विराजित आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज के दर्शन किये दोनों आचार्य की समस्त साधुओं ने परिक्रमा लगाई।वर्ष 2004 की पुनरावृत्ति एक सुखद संयोग ब्रह्मचारी गज्जू भैया एवंराजेश पंचोलिया  ने बताया कि सुखद संयोग पारसोला से जुड़ा है कि 14 जून 2004 को  आचार्य  श्री सन्मति सागर जी महाराज का पारसोला नगर में प्रवेश हुआ तब आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज ने अपने संघ सहित उनकी अगवानी की । तब भी एक आर्यिका माताजी की समाधि हुई थी आज इस दृश्य की पुनरावृत्ती  हुई कि  आचार्य  श्री सुनीलसागर जी महाराज ने  संघ सहित पारसोला में आकर आचार्य श्री वर्धमानसागर जी के दर्शन कर उनके चरण प्रक्षालन कर आशीर्वाद लिया। इसके बाद दोनों आचार्य संघ सन्मति भवन से श्यामा वाटिका गए जहां पर विशाल पंडाल में दोनों आचार्य श्री के आशीर्वचन हुए। पहले आचार्य  श्री सुनील सागर जी महाराज ने प्रवचन किए पश्चात वात्सलय वारिघि  आचार्य श्री वर्धमान  सागर जी महाराज ने अपना धर्म उपदेश दिया।पुण्यार्जक परिवारों द्वारा  दोनों आचार्यौ  के चरण प्रक्षालन , जिनवाणी , भेंटकर  आरती उतारी गई।राजेश पंचोलिया इंदौर से प्राप्त जानकारी संकलन अभिषेक जैन लुहाडीया रामगंजमंडी 9929747312

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