गुरु तो चला जाएगा लेकिन गुरुवाणी सदैव रहेगी मुनि श्री नीरज सागर मुनि संघ का मंगल विहार कैथुली की और

धर्म

गुरु तो चला जाएगा लेकिन गुरुवाणी सदैव रहेगी मुनि श्री नीरज सागर मुनि संघ का मंगल विहार कैथुली की और
रामगंजमंडी
रामगंजमंडी के बाजार नंबर 1में स्थित दिगंबर जैन मंदिर में विराजित मुनि श्री 108 नीरज सागर महाराज ने धर्म सभा में प्रवचन देते हुए कहा कि उलझन से सिर्फ गुरु ही मुक्ति दिला सकते हैं, गुरु की संगति से शुभ कार्य होते हैं। गुरु से मिलन हो गया तो जीवन की नैय्या पार हो जाती है। गुरु को कभी भी देह से नहीं मानना चाहिए।गुरु तो चला जायेगा लेकिन गुरुवाणी सदैव रहेगी। श्वेतांबर श्रीसंघ अध्यक्ष राजकुमार पारख ने बताया कि यह बात मुनिश्री नीरज सागर ने संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर महाराज को इंगित करके कही।
गुरु से शिक्षा अभिमन्यु अर्जुन एकलव्य तीनों ने ली लेकिन एकलव्य की शिक्षा बिना गुरु के हुई उन्होंने गुरुवाणी और गुरु की प्रतिमा बनाकर शिक्षा प्राप्त की और धनुरविद्या में इतने निपुण बने कि भोकते हुए कुत्ते का मुंह बाणों से चुप करा दिया। अपने प्रवचन में मुनि श्री ने कहा कि किसी से बिना मिले या संबंध बनाए बिना उसके प्रति कोई धारणा नहीं बनावे सुनकर या देखकर धारणा बनाना गलत होता है। कोई भी चीज अच्छी या बुरी नहीं होती मात्र हमारा दृष्टिकोण उसे अच्छा या बुरा बना देता है प्रवचन में लाइट चले जाने पर मुनि श्री ने कहा कि अच्छे कार्यों में बाधा आती है कर्म का खेल काल और समय के साथ चलता है, पर धर्म हमेशा पुरुषार्थ से चलता है। जीवन में खुशी का मंत्र देते हुए मुनि श्री नीरज सागर महाराज ने कहा कि दूसरों की बुराई नहीं देखे और अप्रिय घटना को याद नहीं करें दुख से उभरने का मंत्र देते हुए मुनि श्री ने कहा कि जब 5 साल पुराना कैलेंडर नहीं रखते तो 20 साल पुरानी बातें क्यों याद रखते हो।
धर्म की रक्षा के लिए युवाओं को आगे आना चाहिए मुनि श्री निर्मद सागर महाराज
धर्म सभा में मुनि श्री 108 निर्मद सागर महाराज ने कहा कि बिखरने से समाज को नुकसान होता है युवाओं को धर्म की रक्षा करने के लिए आगे आना चाहिए सभी युवाओं को अखाड़े में जाना चाहिए जैनी लड़ते बहुत है पर आपस में आपस की लड़ाई को खत्म करने की नसीयत दी उन्होंने उपस्थित लोगों से धर्म के कार्य में आगे और पाप कार्य में हमेशा पीछे रहने को कहा। जीवन को अच्छा बनाने के लिए किसी में बुराई नहीं देखें वह किसी की बुराई नहीं करें जैसी दृष्टि वैसी सृष्टि चश्मा जिस तरह का लगाओगे वैसा ही दिखेगा।
अपनी जबान को मीठा बनाया तो आपके कान अपने आप मीठा सुनेंगे सोच अच्छी है तो बुरे में भी अच्छा दिखेगा सोच खराब है तो अच्छे में भी बुरा दिखेगा संत निर्मद सागर महाराज ने एक शेर सुनाया
कमियों से जुदा मै भी नहीं तू भी नहीं मैं तुझे नहीं जानता तू मुझे नहीं जानता खुदा मै भी नहीं खुदा तू भी नहीं अपनी वाणी को झरने की तरह बनाओ, झरना पत्थर को काटकर अपना स्थान बना लेता है। उन्होंने बताया कि 5 फरवरी को संत शिरोमणि आचार्य विद्यासागर जी की प्रथम पुण्यतिथि है उनके पांव के पगलिए अपने मंदिरों में स्थापित करने चाहिए इस पर सुरेश कुमार सिद्धार्थ कुमार बाबरिया ने कैथुली में संत शिरोमणि के पगलिए स्थापित करने की घोषणा की मुनि श्री ने कहा कि जहां संत शिरोमणि विद्यासागर जी की समाधि है वह जगह अपने आप में एक तीर्थ है।

मंगलवार रात्रि को हुआ 64 रिद्धि मंत्र विधान
मंगलवार को रात्रि को 2 घंटे का 64 रिद्धि मंत्र विधान हुआ जिसमें लगभग 70 जोड़े बैठे और दीप आराधना की मुनि श्री नीरज सागर महाराज ने इस विधान की महिमा बताते हुए कहा कि 64 रिद्धि धारी मुनि हम सभी का कल्याण करें रिद्धि धारी मुनियों के प्रभाव से सभी प्रकार की महामारी स्वयंमेव खत्म हो जाती है। 4500 दीपकों के इस विधान के मुख्य जजमान श्री आदिनाथ जैन श्वेतांबर श्री संघ अध्यक्ष एवं युवा दल सचिव राजकुमार पारख और उनकी धर्मपत्नी वीजीता पारख का दिगंबर जैन समाज द्वारा दोनों मुख्य जजमानों का श्रीफल देकर माला पहनाकर स्वागत किया। राजकुमार पारख ने मुनि द्वय का जजमान बनाने के लिए आभार प्रकट किया बुधवार के प्रवचन में मंगलाचरण सुधा डूंगरवाल ने किया और आकाश शास्त्री ने भजन सुनाया धर्म सभा में दिगंबर समाज के सैकड़ो पुरुष और महिलाएं रही उपस्थित संचालन धर्मेंद्र लुहाड़िया ने किया बुधवार को मुनि श्री नीरज सागर महाराज का आहार शांतिलाल गौतम कुमार एवं मुनि श्री निर्मद सागर महाराज का आहार सुरेश कुमार सिद्धार्थ कुमार बाबरिया परिवार के यहां हुआ।

पूज्य मुनि श्री संघ का हुआ मंगल विहार
दोपहर की बेला में महाराज श्री का मंगल विहार रामगंजमंडी से कैथुली ओर हुआ
अभिषेक लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट 9929747312

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