रामगंजमंडी में ऐतिहासिक पदयात्रा के साथ आचार्य श्री प्रज्ञा सागर महाराज की ऐतिहासिक आगवानी

धर्म

रामगंजमंडी में ऐतिहासिक पदयात्रा के साथ आचार्य श्री प्रज्ञा सागर महाराज की ऐतिहासिक आगवानी
रामगंजमंडी
झालरापाटन से मंगल बिहार करते हुए तपोंभूमि प्रणेता पर्यावरण संरक्षक आचार्य श्री 108 प्रज्ञा सागर महाराज का विशाल पदयात्रा के साथ भव्य मंगल आगमन हुआ। मंगल आग़मन की बेला में नगर की सीमा पर स्थित कमल फिलिंग स्टेशन पेट्रोल पंप पर गुरुदेव की मंगल अगवानी की गई एवं गुरुवर का पद प्रक्षालन किया गया।
रामगंजमंडी नगर में आचार्य श्री की एवं पदयात्रा की ऐतिहासिक आगवानी हुई। जगह जगह तोरण द्वार सजे हुए थी पूरा नगर दुल्हन की तरह सजाया गया था जैसे ही गुरुदेव नगर में पहुंचे जय जयकार का शोर सुनाई दे रहा था। आचार्य श्री की जय जैन धर्म की जय की जय जयकार गूंज रहे थे जगह जगह गुरुदेव का अभूतपूर्व स्वागत किया गया l एवं गुरुदेव की मंगल आरती पद प्रक्षालन किया गया रामगंजमंडी के इतिहास में ऐतिहासिक आगवानी देखने को मिली जो अविस्मरणीय बन गई। मानो ऐसा लग रहा था कि संपूर्ण वातावरण भक्तिमय होने के साथ साथ प्रज्ञामय हो गया हो ऐसा लग रहा था कि नगर में साक्षात समवशरण आया हो। इस अभूतपूर्व शोभायात्रा में ऊंट गाड़ी, घोड़े बगिया शामिल थी। जो इस शोभायात्रा को और आगवानी और पुलकित भव्य बना रही थी। युवा वर्ग एवम हर कोई भक्ति में झुमते हुए नजर आ रहा था।
कमल फिलिंग स्टेशन से गुरुदेव को शोभा यात्रा के रूप में थाना चौराहा,माल गोदाम चौराहा, सरकारी कुआं चौराहा, युवा दल चौराहा, अंबेडकर सर्किल होते हुए स्टेशन चौराहे से शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर लाया गया जहां समाज बंधुओं ने मंदिर के प्रवेश द्वार पर गुरुदेव का पद प्रक्षालन मंगल आरती कर मंगल आगवानी की। जिनालय में गुरुदेव ने शांतिनाथ भगवान के दर्शन किए दर्शन उपरांत भगवान का अभिषेक एवं शांति धारा की गई शांति धारा का उच्चारण गुरुदेव के श्री मुख से हुआ।
इसके उपरांत धर्म सभा प्रारंभ हुई धर्म सभा के प्रारंभ में सकल दिगंबर जैन समाज रामगंजमंडी की और से संरक्षक अजीत कुमार सेठी, अध्यक्ष दिलीप कुमार विनायका, उपाध्यक्ष कमल लुहाड़िया, चेतन बागडीया, केवलचंद लुहाड़िया, मंत्री राजीव बाकलीवाल एवम समस्त समाज बंधुओ ने गुरुदेव से शीतकाल प्रवास हेतु निवेदन किया। सभा का कुशल संचालन महामंत्री राजकुमार गंगवाल ने किया। इस अवसर पर गुरुदेव से अतिशय क्षेत्र के कैथुली समिति के संरक्षक सिद्धार्थ बाबरिया,सुरेश बाबरिया, कार्याध्यक्ष सुनील सुरलाया, उपाध्यक्ष रितेश ठाई, कोषाध्यक्ष सुनील दुगेरिया, सहमंत्री प्रशांत जैन आचार्य आदि गुरुदेव के चरणों में पार्श्वनाथ जन्म कल्याणक महोत्सव गुरुदेव के सानिध्य में हो इस हेतु निवेदन किया।

 

अपनी मंगल वाणी से कृतार्थ करते हुए आचार्य श्री ने कहा की सब कुछ मिल जाता है,पर ज्ञान सुलभ नहीं है। हमें ज्ञान तो है, लेकिन समीचीन नहीं है, समीचीन आचरण हो तभी ज्ञान की सार्थकता है। जो जानते हैं उसे मानते हैं उसे मानना अत्यंत आवश्यक और अनिवार्य है।
आचार्य श्री ने कहा कि संसार में यथार्थ ज्ञान दुर्लभ है,ऐसा ज्ञान हो जो भेद विज्ञान में कारण बने, केवलज्ञान में कारण बने। यदि यथार्थ ज्ञान हो जाएगा तो मन उचल जाएगा। कर्म का आश्रव हो ऐसा घूमना बंद कर दो। आपको डॉक्टर कहता है कि घूमना चालू कर दो। लेकिन प्रज्ञा सागर डॉक्टर आपको कहता कि आना हो तो इस मंदिर की 108 परिक्रमा लगा लेना। संस्कार की उतनी परिक्रमा समाप्त होगी। घूमना हो तो भगवान की चारों तरफ घूमों भगवान के चारों तरफ घूमने को परिक्रमा कहते है। आचार्य गुरुवर ने शांतिनाथ मंदिर की भी जमकर तारीफ की।

 

 

उन्होंने कहा कि दुर्लभ ज्ञान को पाने की कोशिश करो। भगवान के लिए, सेवा के लिए, पूजा के लिए, 24 मिनिट का समय सुबह शाम घड़ी तो घड़ी भगवान को दे दो। उन्होंने जोर दिया कि दिया गया समय आपका, बाकी समय पाप का। मैं तो एक पोस्टमेन हु भगवान का संदेश आप तक पहुंचाना मेरा काम है। हमारा काफी समय व्यर्थ जाता है यदि हमारा समय भगवान की भक्ति को समर्पित हो जाएगा तो हमारा समय और जीवन सार्थक हो जाएगा। उन्होंने सनातन शब्द का अर्थ शाश्वत बताते हुए कहा कि हमारा धर्म शाश्वत धर्म हैं। उन्होंने सभी से विशाल पदयात्रा में सम्मिलित होने का उदघोष किया। उन्होंने कहा कि यह पदयात्रा परमात्मा की पदयात्रा है।

हमें भी सिद्धालय मिले ऐसी भावना करे। सजन रे झूठ मत बोलो खुदा के पास जाना यह बात भी दोहराई। पूज्य गुरुदेव का रात्रि विश्राम गोयन्दा में हुआ गुरुवार की प्रातः बेला में अतिशय क्षेत्र कैथूली में मंगल प्रवेश होगा एवं पार्श्वनाथ जन्म कल्याण महोत्सव मनाया जाएगा।

अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट 9929747312

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *