चातुर्मास पूरा कर लौट रहे युवा संत रामकिशन महाराज की दर्दनाक मौत, सांड से टकराई कार फिर ट्रक से भिड़ी

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चातुर्मास पूरा कर लौट रहे युवा संत रामकिशन महाराज की दर्दनाक मौत, सांड से टकराई कार फिर ट्रक से भिड़ी

 

सुजानगढ़ में चातुर्मास पूरा कर जोधपुर लौट रहे थे रामस्नेही संप्रदाय के 28 वर्षीय संत, बीटन गांव के पास देर रात हुआ भीषण हादसा

 

 

 

सुजानगढ़। सुजानगढ़ में एक माह का चातुर्मास पूरा कर जोधपुर लौट रहे रामस्नेही संप्रदाय के युवा संत रामकिशन महाराज की सड़क हादसे में दर्दनाक मौत हो गई। राष्ट्रीय राजमार्ग-21 पर बीटन गांव की सरहद में देर रात अचानक सामने आए सांड से उनकी कार टकरा गई। इसके बाद अनियंत्रित कार सामने से आ रहे ट्रक से जा भिड़ी। भीषण टक्कर में संत रामकिशन महाराज ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

 

हादसे की सूचना मिलते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोगों और हाईवे से गुजर रहे वाहन चालकों ने राहत की कोशिश करते हुए पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी। सूचना पर जसनगर पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की।

 

सांड से टकराने के बाद बेकाबू हुई कार

 

पुलिस के अनुसार पाली जिले के निम्बाज रामद्वारा के संत सोहनराम महाराज के शिष्य रामकिशन महाराज (28) कार से जोधपुर जा रहे थे। बीटन गांव की सरहद में अचानक सड़क पर सांड आ गया। कार सांड से टकराने के बाद अनियंत्रित हो गई और सामने से आ रहे ट्रक से जा भिड़ी।

 

टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे के बाद मौके पर पहुंचे लोगों ने संत को कार से बाहर निकालने का प्रयास किया, लेकिन उनकी मौत हो चुकी थी।

 

जसनगर पुलिस ने एंबुलेंस की सहायता से संत के शव को मेड़ता सिटी उप जिला चिकित्सालय की मोर्चरी पहुंचाया। शनिवार सुबह निम्बाज रामद्वारा से संत एवं श्रद्धालु मेड़ता पहुंचे। चिकित्सक डॉ. बलदेवराम सिहाग ने पोस्टमार्टम किया, जिसके बाद पुलिस ने शव संतों को सौंप दिया।

 

चातुर्मास पूरा कर जोधपुर लौट रहे थे

 

बताया गया कि रामकिशन महाराज सुजानगढ़ में एक माह का चातुर्मास पूरा करने के बाद जोधपुर के लिए रवाना हुए थे। चातुर्मास के दौरान वे धार्मिक अनुष्ठानों और प्रवचन सहित विभिन्न धार्मिक गतिविधियों से जुड़े रहे।

 

चातुर्मास पूरा होने के बाद जोधपुर लौटते समय रास्ते में हुए इस दर्दनाक हादसे ने श्रद्धालुओं को स्तब्ध कर दिया।

 

रामस्नेही संप्रदाय में शोक की लहर

 

रामकिशन महाराज रामस्नेही संप्रदाय की खेड़ापा मुख्य पीठ के अंतर्गत आने वाले निम्बाज रामद्वारा के संस्थापक संत राघवदास महाराज के शिष्य सोहनराम महाराज के अनुयायी थे।

 

महज 28 वर्ष की उम्र में युवा संत के असमय निधन की खबर से निम्बाज सहित रामस्नेही संप्रदाय की प्रमुख पीठों और श्रद्धालुओं में शोक की लहर दौड़ गई। धार्मिक जगत से जुड़े लोगों ने संत रामकिशन महाराज के निधन को संप्रदाय के लिए अपूरणीय क्षति बताया।

 

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