बड़े वही बनते है जिनके जीवन में कुछ त्याग होता है आचार्य श्री सुनीलसागर

धर्म

बड़े वही बनते है जिनके जीवन में कुछ त्याग होता है आचार्य श्री सुनीलसागर
मूंगाणा
परम पूज्य जय श्री सुनील सागर महाराज ने मंगल प्रवचन देते हुए कहा कि दुनिया में बहुत लोग आते हैं लेकिन बड़े वही बनते हैं जिनके जीवन में कुछ त्याग होता है। जमीन कितनी भी बंजर हो, लेकिन हार नहीं माने, पानी जरूर निकलेगा, आसानी से तो भक्ति भी नहीं हो पाती है, उसमें भी बीमारी आ जाती है। समस्या खड़ी हो जाती है, तब कोई जीव आगे बढ़ता है।

मोक्ष मार्ग में अपने ही विकारों से जूझना पड़ता हैं, तब कोई जीव आगे बढ़ता है। कमाओ नीती से, कमाओ रीति खाओ प्रीती से लूटो एक दिन एक दिन सब छोड़कर भगवान बन जाओ।

आचार्य जी ने कटाक्ष करते हुए कहा कि भ्रष्टाचार करते हैं लोग, स्कूल के बच्चों का पोषाहार खा जाते हैं, आंगनबाड़ियों का सामान खा जाते हैं, सड़क का डामर खा जाते हैं, और अनीति से कमाने वाले लोगों का क्या हाल होगा। भ्रष्टाचार ने इस दुनिया के सारे नीति नियम भुला दिए हैं, उन्हें भी ऊपर जवाब देना है

   

लेकिन पर फिर भी भ्रष्टाचार तो करना होता है। जीवन में सफलता चाहते हो तो बुद्धि में भेद और चरित्र में कोई छेद हो तो उसे मिटा दो। मन में कहीं हो तो खेद मिटा दो। एक दिन जरूर आप सुखी हो जाओगे। जब तक भेदभाव का जीवन है तब तक जीव का साया विष की तरह होता है। राग द्वेष करता है और जब भेद विज्ञान होता है तो जीव भाव पर जाने का रास्ता अपनाता है।


आचार्य श्री ने कहा कि यह महत्वपूर्ण नहीं है हमारा लक्ष्य क्या है, क्या महत्वपूर्ण है कई लोग होते हैं जिनके पास कुछ नहीं होता है वह हीरो बन जाते हैं। अच्छे कार्यों की ओर अपना लक्ष्य होना चाहिए। जब लक्ष्य बड़ा बनाते हैं तो बड़ा मदद करने की सामर्थ पैदा होती है। वह लोग कहते हैं कि पैसा पास रखो, बुरे वक्त में काम आएगा और गुरु कहते हैं प्रभु को अपने पास रखो कभी बुरा वक्त नहीं आएगा। अच्छे कर्म करते हैं तो इंसान बन जाते हैं। और जब सब कर्मों से मुक्त हो जाते हैं तो भगवान बन जाते हैं।

मुनियो वह देव शास्त्र गुरु की निंदा नहीं करनी चाहिए, उनका आदर सम्मान करना चाहिए, यही हमारा धर्म सिखाता है। यही हमारी संस्कृति है, यही हमारी जिनवाणी है।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

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