स्वस्ति धाम तीर्थ के दर्शन कर में बहुत अभिभूत हूं रामस्नेही संत श्री हरिराम शास्त्री
जहाजपुर
स्वस्तिधाम तीर्थ जहाजपुर जो संपूर्ण विश्व में अपनी आभा बिखेर रहा है और सभी के लिए एक आस्था का केंद्र बिंदु है।


इस पावन अलौकिक क्षेत्र पर जैनो का ही नहीं जैन संतों का ही नहीं अपितु जैनेतर बंधुओ एवम जैनेतर संतों का भी विशेष श्रद्धान है। इसी क्रम में राम स्नेही संत श्री हरिराम शास्त्री स्वस्ति धाम तीर्थ पधारे और दर्शन कर अभिभूत हुए।
उन्होंने भारत गौरव गणिनी आर्यिका 105 स्वस्तिभूषण माताजी से धर्म चर्चा की जिनालय के दर्शन किए एवं माता जी से चर्चा उपरांत क्षेत्र के विषय में बताते हुए उन्होंने कहा कि भारत देश एक धर्म परायण देश है जहां 24 अवतार हुए है, 24 तीर्थंकर हुए हैं, उन्होंने कहा कि भगवान मुनिसुव्रतनाथ के दर्शन कर एवं क्षेत्र के दर्शन कर अभिभूत हूं और प्रसन्नचित हूं।

यहां की कलाकृतियां और यहां के वाइब्रेशन, अणु परमाणु में अध्यात्म से जोड़ने वाले भाव है जो हमको अपने आप में आनंदित करते हैं। शांति की प्राप्ति होती है।

उन्होंने स्वस्ति का महत्व बताते हुए एवं अर्थ बताते हुए कहा कि स्वस्ति यानी कि स्वास्तिक गणेश जी का स्वरूप माना गया है। इस विषय पर बोलते हुए उन्होंने स्वस्तिभूषण माताजी को बहन कहकर संबोधित करते हुए कहा कि जबलपुर आदि स्थानों से बिहार करते हुए यहां आई और एक पावन धाम बना दिया।
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आने वाले समय में यह तीर्थ अलौकिक होगा और वाले समय में आध्यात्म के क्षेत्र में यह तीर्थ प्रसिद्ध होगा। जब भगवान की कृपा होती है तो ऐसे निमित्त बनते हैं और पावन धाम बना देते हैं।


यथार्थ जैन पाटनी कोटा से प्राप्त जानकारी के साथ अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट 9929747312



आने वाले समय में यह तीर्थ अलौकिक होगा और वाले समय में आध्यात्म के क्षेत्र में यह तीर्थ प्रसिद्ध होगा। जब भगवान की कृपा होती है तो ऐसे निमित्त बनते हैं और पावन धाम बना देते हैं।