जब मिले थे सदी के दो महान संत एक साथ वर्ष 2012 क्षमा सागर महाराज सुधा सागर महाराज महा मिलन से जुड़ा संस्मरण
यह चित्र वर्ष 2012 का है , जब गढाकोटा में पूज्य मुनि श्री सुधा सागर जी और मुनि श्री क्षमा सागर जी का मिलन हुआ था।
मुनि श्री क्षमा सागर जी एक अनुज या कहे एक शिशु की भांति जगतपूज्य की गोद में लेटे हुए है, मानो उन्हें बड़े अपने भाई, अपने माता पिता सब एक साथ मिल गए हो। दोनों मुनियों की सन् 1980 में मोराजी में एक साथ , एक ही मंच पर क्षुल्लक दीक्षा हुई थी।
जब जब जगतपूज्य को मुनि श्री क्षमा सागर जी के स्वास्थ्य की जानकारी मिलती तो वे बहुत विचलित होते थे।
और वर्ष 2012 में ऐसा संयोग बना कि विहार करते हुए पहुंच गए अपने मित्र से मिलने ..उनकी वैयावृती करने ..!! उस दिन दोनों मिलकर बड़े भावुक थे।
मुनि श्री क्षमा सागर जी से मिलने के बाद पूज्य गुरुदेव ने अपने प्रवचन में कहा था, हे जिनेन्द्र भगवान, मेरे मुनि जीवन की सारी तपस्या का पुण्य यदि मुझे मिले तो मैं चाहूंगा उसके बदले केवल इतना कर दो कि मेरे अग्रज मुनि क्षमा सागर जी को फिर से ठीक कर दो।

यह बात सुन कर मुनि श्री क्षमा सागर जी की आंखों में आंसू बह निकले।
उस दिन का मिलन जनमानस के हृदय पटल पर सदैव के लिए अंकित हो गया।
शोभित जैन रामगंज मंडी से प्राप्त आलेख
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
