पूज्य मुनि श्री सुधा सागर महाराज के द्वारा प्रतिमाओं पर तप कल्याण के संस्कार किए गए

धर्म

पूज्य मुनि श्री सुधा सागर महाराज के द्वारा प्रतिमाओं पर तप कल्याण के संस्कार किए गए
सागर
जगत पूज्य निर्यापक श्रमण मुनि पुंगव 108 श्री सुधा सागर महाराज के आशीर्वाद से सुधा देशना मंडपम भाग्योदय तीर्थ परिसर सागर में 10 से 15 तारीख के बीच चल रहे पंचकल्याणक महा महोत्सव कार्यक्रम के अंतर्गत शुक्रवार प्रातः कालीन बेला में आदिनाथ बालक का तप कल्याणक मनाया गया इसके अंतर्गत जन्म कल्याणक एवं तप कल्याणक की पुजन संपन्न की गई।

 

 

गुरुवर के मुखारविंद से कैसे कंकर से शंकर बनाया जाता है आत्मा से परमात्मा बनाया जाता है इसके बारे में बताया गया साथ ही साथ दोपहर कालीन बेला में तप कल्याणक की सारी क्रियाएं संपन्न कराई गई उसके साथ ही राजकुमार आदिनाथ की विवाह की सारी क्रियाएं भी संपन्न कर बारात निकाली गई बाल कीड़ा भी की गई और उसके बाद नीलांजना का वह दृश्य भी दिखाया गया जिसमें यह दिखाया गया कि यह जीवन कैसा क्षणभंगुर है कैसे एक देवी नीलांजना नृत्य करते-करते अपनी आयु पूर्ण कर ली और सौधर्मेंद्र की आज्ञा से द्वितीय नीलांजना तुरंत वहां प्रकट हुई लेकिन आदिनाथ प्रभु ने अपने अवधिज्ञान से जान लिया कि यह नीलांजना प्रथम वाली नीलांजना से अलग है तो उन्हें जीवन को क्षणभंगुर समझ कर के इस संसार को त्याग कर वैराग्य धारण किया।

तप कल्याणक के दिन वैराग्य के क्षणों को यहां पर बताया गया जगत पूज्य निर्यापक श्रमण मुनि श्री सुधा सागर जी महाराज के द्वारा कार्यक्रमों से जितनी भी प्रतिमाएं यहां प्रतिष्ठित होने आई हैं सभी प्रतिमाओं पर दीक्षा के संस्कार अपने कर कमलों से किए गए।

 

विधि नायक के ऊपर 48 मंत्रों के द्वारा पहली बार सागर में ऐसा हुआ है कि एक-एक मंत्र का अर्थ समझा दीक्षा के संस्कार करके गुरुवर ने स्वयं अपने मुखारविंद से पूरी सभा को संबोधित करते हुए बताया।

तत्पश्चात संध्याकालीन बेल में गुरुदेव के द्वारा जिज्ञासा समाधान कार्यक्रम संपन्न किया गया एवं महा आरती संपन्न की गई।

मीडिया जानकारी देते हुए मनोज शास्त्री एवं अजय लंबरदार ने बताया कि इस बार का पंचकल्याणक गुरुदेव के ससंघ सानिध्य में एक विशेष रूप में जनता को देखने मिल रहा है।

 

संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *