जैन संत समाधि सम्राट परम पूज्य आचार्य 108श्री विद्यासागर जी महाराज की परम शिष्या गणिनी105 आर्यिका रत्न पूर्णमति माताजी के दर्शनों को उमड़ा जन सैलाब।
पिड़ावा:-
सकल दिगम्बर जैन समाज पिड़ावा के तत्वाधान में गुरू मां के मंगल प्रवेश के बाद जिनवाणी का रसास्वादन अन्नपूर्णा पेलेस में हुआ। जैन समाज प्रवक्ता मुकेश जैन चेलावत ने बताया कि गुरुवर आचार्य भगवन संत शिरोमणि 108श्री विद्यासागर महा मुनिराज की सुयोग्य परम प्रभावक शिष्या आर्यिका रत्न 105 पूर्णमति माताजी ससंघ का पिड़ावा में ऐतिहासिक मंगल प्रवेश के बाद अन्नपूर्णा पेलेस में प्रवचन सुनने जन सैलाब उमड़ पड़ा।
सुबह कालीन सत्र में माताजी के प्रवचन के पूर्व गुरुदेव विद्यासागर जी के चित्र का अनावरण कोमल चंद जैन प्रिंसिपल एवं भूपेद्र जैन के द्वारा किया गया उसके बाद जिनवाणी भेट कर्ता के रूप में इंदौर से पधारे श्रेष्ठी वर्ग को यह सम्मान प्राप्त हुआ।

उसके बाद मंगलमय मंगलाचरण अदिति जैन के द्वारा किया गया ।धर्मसभा का संचालन कर रहे राष्ट्रीय कवि डा अनिल जैन उपहार ने अपनी कविता एवं गीतों से समा बांध दिया।अपने सारगर्भित प्रवचनों में माताजी ने पर निंदा की बजाय निज आत्मा के कल्याण को महत्व देते हुए सामाजिक बुराइयों के अंत को रेखांकित करते हुए कोकिल स्वरो से जिनवाणी का अमृत पान कराया

जिसमे सभी डूबते नजर आए।इस कार्यक्रम के अंतर्गत दोपहर में श्री सांवलिया पार्श्वनाथ दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र बड़ा मंदिर में पार्श्वनाथ विधान का आयोजन किया गया जिसमे पूरे समाज ने उत्साह से भाग लिया।इस कार्यक्रम में सम्मिलित होने।
इंदौर,कोटा,गंजबासोदा,डूंगरपुर,गवालियर,भोपाल,गुना बिना और

आसपास के कई समाज बंधु उपस्थित रहे अंत में बाहर से पधारे
अतिथियों के भोजन की व्यवस्था सकल दिगंबर जैन समाज पिड़ावा द्वारा की गई।

अंत में समाज के अध्यक्ष अनिल चेलावत द्वारा सभी का आभार व्यक्त किया गया।
अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट99929747312
