पंचकल्याणक महोत्सव में मनाया गया ज्ञान कल्याणक पूर्व मंत्री जयंत मलैया एवं पशुपालन मंत्री लखन राम पटेल ने लिया मुनि संघ का आशीर्वाद
दमोह
शिवनगर में चल रहे पंचकल्याणक गजरथ महोत्सव में चौथे दिवस भगवान का ज्ञान कल्याणक मनाया गया निर्यापक मुनि श्री अभय सागर जी महाराज के सत्संग मंगल सानिध्य एवं एवं पंडित जयकुमार निशांत तथा पंडित आशीष जैन के निर्देशन में प्रातः कालीन नृत अभिषेक पूजन एवं शांति धारा संपन्न हुई इस मौके पर प्रदेश के पूर्व वित्त मंत्री एवं दमोह के विधायक जयंत मलैया एवं मध्य प्रदेश शासन के पशुपालन मंत्री लखन पटेल ने पंचकल्याणक महोत्सव स्थल पहुंचकर मुनि संघ को श्रीफल अर्पित कर आशीर्वाद ग्रहण किया महोत्सव समिति के ओर से दोनों मंत्रियों का भाव भीना स्वागत किया गया।
इस अवसर पर छूलक श्री गरिष्ट सागर जी महाराज ने अपने मंगल प्रवचन में कहा कि भावना भवनासनी होती है भावना से ही भगवान बनते हैं परम उपकारी गुरुदेव ने मुझे जोड़ा और मोक्ष मार्ग पर आगे बढ़ाया मुनि श्री सुवत सागर जी महाराज का मुझ पर बहुत बड़ा उपकार है वह मुझे गुरु के पास ले गए धर्म की राह दिखाई व्रत को ग्रहण कराया मुनि श्री आदि सागर जी महाराज 6 माह तक ध्यान में लीन रहे उसके बाद आहार को निकले किंतु कोई भी श्रावक पड़गाहन की विधि नहीं जानता था कोई सोने रतन दे रहा था कोई अपना महल दे रहा था श्रावक सब कुछ देने को तैयार थे किंतु मुनि महाराज आहार नहीं ले रहे थे। तब
हस्तिनापुर के राजा सोम और श्रेयांश राजा ने मुनि श्री आदि कुमार को पड़गाकर अक्षय तृतीया को आहार कराया तब रतन की वृष्टि हुई दुदंबी बाजी सुगंध भरी पवन चली और चहूं और जय जयकार हो गई वैशाख शुक्ल तृतीया के दिन मुनि महाराज के आहार
पड़गाहन के साथ हुए इसे अक्षय तृतीया के नाम से जाना जाता
है अक्षय जिसमें चक्रवर्ती की सेना भी भोजन ग्रहण कर ले तो

भोजन कम नहीं पड़ता मुनि महाराज को आहार देने में सभी



प्रकार का दान हो जाता है इसमें औषध दान अभय दान सभी कुछ सम्मिलित है।

दोपहर में समावशरण की रचना हुई भगवान की दिव्या देशना हुई केवल ज्ञान की प्राप्ति के बाद भगवान ने भव्य जीवन के कल्याण के लिए उपदेश दिया।
अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट 9929747312
