मेहनत और संगत से कोई भी इंसान अपनी किस्मत को बदल सकता है सुनील सागर महाराज
अरनोद
हर इंसान की जिंदगी में एक समय ऐसा आता है,जब वह अपने नसीब और किस्मत को लेकर परेशान होता है,लेकिन इस संसार में वो ही लोगस फल होते हैं जो मेहनत और सही दिशा में संघर्ष करते हैं।
अरनोद में आयोजित पंचकल्याण प्रतिष्ठामहोत्सव के दौरान आयोजित सभामें आचार्य ने विद्यार्थियों और श्रोताओं को जीवन के महत्वपूर्ण मूल्य समझाए, जो न केवलव्य क्तिगत विकास के लिए जरूरी हैं, बल्कि समाज में सकारात्मकपरिवर्तन लाने के लिए भी आवश्यक हैं। आचार्य ने बताया किकैसे मेहनत और संघर्ष से कोई भी इंसान अपनी किस्मत को बदलसकता है।
उन्होंने उदाहरण दिया कि जैसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अन्यब ड़े नेताओं ने छोटे गांवों से शुरुआत की, लेकिन सही दिशा में कड़ी मेहनत और संघर्ष के साथ उन्होंने अपने जीवन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। उनका यह संदेश था कि कोई भी व्यक्ति, चाहे वह किसी भी परिस्थिति में जन्मा हो, अगर वह मेहनत और समर्पण सेकाम करे, तो वह अपने भाग्य को बदल सकता है। आचार्य ने विद्यार्थियों से कहा कि आलस्य इंसान का सबसे बड़ा शत्रु है।
उन्होंने चिड़िया की कहानी सुनातेहु ए बताया कि आलसी व्यक्ति
कितनी भी सरलता से जीने की कोशिश करता है, लेकिन अंत में वह

खुद को नुकसान पहुंचाता है। जीवनमें सफलता पाने के लिए मनुष्य को आलस्य छोड़कर लगातार मेहनतकरने की जरूरत है। जीवन में ज्ञानऔर धर्म का मार्ग ही सच्ची सफलताकी कुंजी है। उन्होंने यह उदाहरण भी दिया कि किस तरह से मुनि महाराज 48 घंटों तक बिना पानी के रहते हैंऔर तपस्या करते हैं, जो दर्शाता है कि सच सच्ची सफलता केवल कठिनतपस्या और आत्मा की शुद्धि से
मिलती है। उन्होंने कहा कि आप जब भी किसी से मिले, तो सिर्फ
मुस्कान से ही आप अपने रिश्तों कोमजबूत बना सकते हैं और समाजमें सकारात्मक प्रभाव छोड़ सकते हैं।उन्होंने विद्यार्थियों से यह आह्वान किया कि वे हमेशा सही दिशा मेंअपनी मेहनत और संघर्ष को जारी रखें, ताकि न केवल वे अपनीजीवन की राह को सुदृढ़ बना सकें,बल्कि समाज में भी एक अच्छा संदेश भेज सकें।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
